हर्षिल में बाढ़ सुरक्षा कार्यों में लापरवाही और धांधली का आरोप, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दी जनआंदोलन की चेतावनी
हर्षिल में बाढ़ सुरक्षा कार्यों में लापरवाही और धांधली का आरोप, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दी जनआंदोलन की चेतावनी
हर्षिल
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन ग्राम हर्षिल में चल रहे बाढ़ सुरक्षा कार्यों में घोर लापरवाही और गुणवत्ता से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत ने पूर्व प्रमुख कनकपाल सिंह परमार के साथ हर्षिल का स्थलीय निरीक्षण किया, जिसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन और कार्यदायी संस्था की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सीमेंट के खाली कट्टों में मिट्टी भरकर हो रही खानापूर्ति.
स्थलीय निरीक्षण के बाद जारी बयान में कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत ने कहा कि मौके पर जो स्थिति देखने को मिली, वह अत्यंत चिंताजनक है। आपदा संवेदनशीलता के बावजूद मौके पर मात्र चार-पाँच मजदूर ही तार के जालों (गैबियन) को भरते हुए दिखाई दिए। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि सुरक्षा दीवारों के लिए बन रहे जालों में छोटे-छोटे पत्थरों के साथ सीमेंट के खाली कट्टों में मिट्टी भरकर उन्हें भराव सामग्री के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि देश-दुनिया में मशहूर हर्षिल की सुरक्षा का यही तरीका है, तो यह कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता दोनों पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।
मशीनों से केवल औपचारिकता, चरम पर बरसात
रावत ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में आपदा का खतरा मंडरा रहा है, लेकिन मौके पर खड़ी दो मशीनें केवल औपचारिकता निभाती हुई दिखाई दीं। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कार्य की गति बढ़ाने के बजाय केवल कागजी खानापूर्ति की जा रही है, जबकि बरसात अपने चरम पर है और हर्षिल पर बाढ़ का खतरा लगातार बना हुआ है।
”धराली–हर्षिल आपदा को आज पूरे 11 महीने बीत चुके हैं। इस दौरान कांग्रेस पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में जिला प्रशासन से मिलकर हर्षिल की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कार्य कराने का आग्रह किया था। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रशासन के कान पर जूँ तक नहीं रेंगी और आज भी धरातल पर स्थिति बेहद निराशाजनक है।
जन-धन की हानि हुई तो सरकार और प्रशासन होगा जिम्मेदार
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि समय रहते गुणवत्तापूर्ण और युद्धस्तर पर सुरक्षा कार्य पूरे नहीं किए गए, और भविष्य में हर्षिल में किसी भी प्रकार की जन-धन की हानि होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग, जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और राज्य सरकार की होगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी हर्षिल की जनता की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी। यदि प्रशासन ने शीघ्र ही प्रभावी और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की, तो स्थानीय जनता को साथ लेकर एक व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
