विपिन पंवार बने क्षेत्र पंचायत सदस्य संगठन के प्रदेश अध्यक्ष, कृपाल सिंह राणा को मिली महामंत्री की जिम्मेदारी
विपिन पंवार बने क्षेत्र पंचायत सदस्य संगठन के प्रदेश अध्यक्ष, कृपाल सिंह राणा को मिली महामंत्री की जिम्मेदारी
देहरादून (अमित नौटियाल)- उत्तराखंड प्रदेश के समस्त क्षेत्र पंचायत सदस्यों की महत्वपूर्ण बैठक गांधी पार्क, देहरादून में आयोजित हुई। बैठक में सर्वसम्मति से क्षेत्र पंचायत सदस्य संगठन उत्तराखंड के अस्थायी संगठन को स्थायी रूप प्रदान किया गया। इस अवसर पर संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया।
सर्वसम्मति से एडवोकेट विपिन पंवार को प्रदेश अध्यक्ष तथा कृपाल सिंह राणा को महामंत्री नियुक्त किया गया। वहीं राकेश उत्तराखण्डी को प्रदेश संयोजक बनाया गया। संगठन में राजेन्द्र दुर्गापाल, विशन सिंह रांगड़, मंगल सिंह बिष्ट, प्रभात नेगी को सह-संयोजक, प्रमिला राणा, प्रमोद कुमार, जयकृष्ण उनियाल, मनोज भट्ट एवं आशीष तोमर को संरक्षक नियुक्त किया गया।उपाध्यक्ष पद पर अर्जुन मेहरा, मनोज चौहान, रचना रावत, मनोज प्रसाद सेमवाल, नंद किशोर थपलियाल, मनोज कुमार जोशी एवं मोहनीश चौधरी को जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रदेश सचिव के रूप में घनश्याम नेगी, कल्पना पंवार, धर्मेन्द्र सिंह, महावीर सेनवाल एवं महावीर सिंह बिष्ट को नियुक्त किया गया। वहीं सह-सचिव पद पर रचिता ठाकुर, राकेश नाथ, रणवीर चौहान, प्रदीप राणा एवं रीना तोमर को शामिल किया गया। कोषाध्यक्ष पद पर गम्भीर सिंह नेगी एवं किशोरी लाल, सह-कोषाध्यक्ष श्याम सिंह चौहान तथा प्रदेश प्रवक्ता मातबर सिंह चौहान, महेन्द्र पर्त्याल, आकाश नेगी, कृष्णा राणा एवं शालिनी कोठियाल को बनाया गया। मीडिया प्रभारी के रूप में नवीन शाह, दीपक सुनेरी, सोबत सिंह, विविता, प्रमेश रावत एवं सुषमा राणा को नियुक्त किया गया। साथ ही प्रदेश के सभी क्षेत्र पंचायत सदस्यों को संगठन की कार्यकारिणी का सदस्य घोषित किया।
इस अवसर पर नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट विपिन पंवार ने कहा कि भारतीय संविधान के 73वें संविधान संशोधन के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायती व्यवस्था की परिकल्पना की गई थी, जिसमें क्षेत्र पंचायत एक महत्वपूर्ण कड़ी है, लेकिन उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम 2016 में क्षेत्र पंचायतों की घोर उपेक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायत सदस्यों के पास न तो कोई वित्तीय शक्ति है और न ही धारा 192 के अंतर्गत कोई मानदेय निर्धारित है, जिससे यह पद नाममात्र का बनकर रह गया है।
महामंत्री कृपाल सिंह राणा ने कहा कि वर्तमान में एक क्षेत्र पंचायत के अंतर्गत 2 से 6 ग्राम पंचायतें होती हैं, जिससे जनता की अपेक्षाएं क्षेत्र पंचायत सदस्यों से अधिक होती हैं, लेकिन विकास निधि व वित्तीय अधिकार न होने के कारण वे जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पाते। उन्होंने कहा कि आज क्षेत्र पंचायत सदस्य का पद केवल ब्लॉक प्रमुख के चुनाव तक सीमित होता जा रहा है।
प्रदेश संयोजक राकेश उत्तराखंडी ने कहा कि यह संगठन राजनीति से ऊपर उठकर क्षेत्र पंचायत सदस्यों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेगा और शासन-प्रशासन के समक्ष उनकी मांगों को मजबूती से रखेगा, ताकि क्षेत्र पंचायत सदस्यों को भी ग्राम प्रधानों के समान अधिकार प्राप्त हो सकें।
बैठक में मनोज लखेड़ा, विनोद कुमार, रणवीर सिंह राणा, रोहित कुमार, संजना सैनी, अनिश, महेन्द्र कुमार, पवन चंद, अर्जुन सिंह रौंछेला, पुष्पा सिंग्स्वाल, पुष्पा नेगी, बीना रमोला, रोनिका, सुमित सिंग्स्वाल, गजेन्द्र भंडारी, कैलाश चंद, जयप्रकाश मौर्या, संजू देवी सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र पंचायत सदस्य उपस्थित रहे।
