शिक्षा व्यवस्था परखने स्कूलों में जायेंगे विभागीय अधिकारी
विद्यालयों में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का करेंगे अवलोकन
कलस्टर, अटल उत्कृष्ट व पीएमश्री स्कूलों की भी जांचेंगे स्थिति
शिक्षक संगठनों व अभिभावक संघों से संवाद कर लेंगे सुझाव
देहरादून- स्वास्थ्य विभाग की तर्ज पर अब विद्यालयी शिक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारी प्रत्येक स्कूलों में जाकर शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे। इस संबंध में सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सचिव से लेकर निदेशालय के अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश जारी किये हैं। भ्रमण के दौरान अधिकारी विद्यालयों में भवनों की स्थिति एवं मूलभूत सुविधाओं, शिक्षकों की विषयवार उपलब्धता, छात्रों की उपस्थिति, क्लस्टर विद्यालय, अटल उत्कृष्ट एवं पीएम-श्री स्कूलों की अद्यतन स्थिति सहित केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का मूल्यांकन करने के साथ ही शिक्षक संगठनों व अभिभावक संघों से संवाद स्थापित कर सुझाव प्राप्त कर रिपोर्ट शिक्षा मंत्रालय को सौंपेंगे।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की इस मुहिम से जहां एक ओर विभागों के कामकाज में पारदर्शिता आयेगी वहीं दूसरी ओर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के बीच बेहतर कार्य संस्कृति विकासित होगी। जिसका लाभ प्रदेशभर के विभिन्न विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मिलेगा। विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को प्रेषित आदेश में 09 अक्टूबर से 10 नवम्बर 2023 तक सभी राजकीय विद्यालयों में जाकर वहां की भौतिक स्थिति का विस्तृत आंकलन करते हुये सम्पूर्ण रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिये हैं जिसकी बाद में उनके द्वारा स्वयं समीक्षा की जायेगी। विभागीय मंत्री के इस आदेश से जहां कुछ अधिकारियों में हडकंप मचा है वहीं कुछ विभागीय अधिकारी इसे एक बेहतर पहल बता रहे हैं। जनपद भ्रमण के दौरान विभागीय अधिकारियों को संबंधित विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं, विद्यालय भवनों, कक्षा-कक्षों की उपलब्धता, पेयजल सुविधा, विद्युतीकरण, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, खेल सामग्री, फर्नीचर, खेल मैदान व छात्र-छात्राओं के लिये पृथक शौचालयों का अवलोकन कर रिपोर्ट तैयार करेंगे।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आवंटित जनपद
शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि शिक्षा विभाग में संचालित विभिन्न परियोजनाओं को धरातल पर उतारने, विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का भौतिक अवलोकन करने तथा शिक्षक संगठनों व अभिभावकों से संवाद स्थापित कर गुणात्मक शिक्षा के लिये बेहतर सुझाव प्राप्त करने के दृष्टिगत विभागीय अधिकारियों को स्कूलों का भ्रमण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं।
