उत्तराखंडउधम सिंह नगर

मिट्टी खनन का डम्पर बना यमदूत, मिट्टी खनन डंपर वाहन से आईटीबीपी जवान की मौत, हड़कंप

मिट्टी खनन का डम्पर बना यमदूत

मिट्टी खनन डंपर वाहन से आईटीबीपी जवान की मौत, हड़कंप

लेह लद्दाख में तैनात थे त्रिलोकी कुमार

सितारगंज (दीपक भारद्वाज)-   तेज रफ्तार मिट्टी खनन डंपर वाहन की टक्कर से आइटीबीपी जवान की मृत्यु हो गई जिसे परिजनों में कोहराम मच गया है। मृतक आइटीबीपी सेवा में लेह लद्दाख में तैनात थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी और बच्चों को रोता बिलखता छोड़ गए हैं।
ग्राम कैलाशपुरी निवासी त्रिलोकी राम पुत्र ओमप्रकाश आइटीबीपी सेवा में नौकरी करते थे। शुक्रवार की शाम त्रिलोकी राम बाइक से अपनी बहन के यहां चंदेली से वापस लौट रहे थे। खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम भगौरा के समीप तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में त्रिलोकी राम की मौके पर ही मृत्यु हो गई। सड़क हादसे के बाद मार्ग में जाम लग गया सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया। त्रिलोकी राम आइटीबीपी में तैनात थे वर्तमान में उनकी ड्यूटी लेह लद्दाख में चल रही थी। वह अवकाश पर घर आए हुए थे। त्रिलोकी राम के भाई पुलिस सेवा में हैं, जबकि एक भाई सिडकुल में कार्य करते हैं। त्रिलोकी राम अपने पीछे दो बच्चे और पत्नी को रोता बिलखता छोड़ गए हैं।

 

 

हाईवे पर दिन-रात दौड़ रहें खनन वाहन

सितारगंज। हाईवे पर दिन-रात खनन वाहन सरपट दौड़ रहें हैं। इसी बीच खनन वाहन यूके 03सीए 1986 की टक्कर से आईटीबीपी जवान की मौत हो गई। सवाल यह है कि रात के अंधेरे में नदी का सीना चीर कर उप खनिज निकल रहें खनन माफियाओं पर प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है? आखिर किसके इजाजत से खनन वाहन रात तक हाइवे दौड़ रहें है। प्रशासन के मौन रहने के कारण आए दिन खनन वाहन की चपेट में आने से किसी न किसी की मौत हो रही है। इधर, पुलिस ने बताया कि खनन वाहन को कब्जे में ले लिया है।

 

 

 

सितारगंज की सड़कों में हादसों का खौफ

सितारगंज अवैध मिट्टी खनन के वाहन सितारगंज क्षेत्र की सड़कों में सरपट दौड़ रहे हैं। सुबह के समय मिट्टी ढोने वाले वाहनों की मुख्य और गांव की सड़कों में कतारें लगी रहती हैं। जिस वजह से सड़कों में हादसों का खतरा बना रहता है। अभिभावक स्कूल खुलने और बंद होने के समय बच्चों की सुरक्षा को लेकर दहशत में जी रहे हैं। पूर्व में भी अवैध मिट्टी खनन के बहनों से सितारगंज क्षेत्र में कई हाथ से हो चुके हैं। जिसमें कई परिवारों के चिराग बुझ गए हैं।

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