चारधाम यात्रा पर कूड़े का साया: गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर कचरे के अंबार, जिम्मेदार मौन ?
आगामी दो माह बाद विश्व प्रसिद्ध धाम गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने वाले हैं, जहां देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे, लेकिन यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ावों और बाजार क्षेत्रों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण डुंडा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले वीरपुर बाजार एवं गांव में देखा जा सकता है, जहां सड़कों के किनारे कचरा फैला हुआ है.साथ ही भागीरथी (गंगा )नदी के किनारे कूड़ा फैला दिख रहा हैं. और सफाई व्यवस्था बदहाल स्थिति में है।
सबसे गंभीर पहलू यह है कि राष्ट्रीय गंगा की प्रमुख सहायक भागीरथी (गंगा ) नदी के किनारे कूड़ा देखने को मिल रहा हैं.जो पर्यावरण और आस्था दोनों के लिए चिंता का विषय है.वहीं सड़कों पर घूम रही गौमाता कूड़े के ढेर में भोजन तलाशती नजर आ रही हैं.जिससे पशुओं के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है.संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी इस ओर कोई गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं और न ही पशु मालिक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं. साथ ही शासन-प्रशासन लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए स्वच्छता अभियान को धरातल पर प्रभावी बनाये रखने का कोई सख्त कदम उठाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.जिससे स्वच्छता और सुंदरता बनी रहें.क्या स्लोगन के आधार पर स्वच्छ भारत अभियान देखने को मिल रहा है।
