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22 वीं पुण्यतिथि पर विकास पुरुष स्व. सरदार सिंह रावत को किया याद 

 

22 वीं पुण्यतिथि पर विकास पुरुष स्व. सरदार सिंह रावत को किया याद 
नैनबाग (राजीव डोभाल)- स्वर्गीय सरदार सिंह रावत की 22 वीं पुण्यतिथि पर क्षेत्र की जनमानस और नैनबाग व्यापार मंडल के सदस्यों ने उनकी मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया।

समाज, राजनीतिक के माहिर और नैनबाग के जन्मदाता स्वर्गीय सरदार सिंह रावत का जन्म टटोर में 14 अगस्त 1944 में हुआ। उनके पिता स्वर्गीय गुमान सिंह व माता स्वर्गीय गुंदा देवी किसान मालगुजार थे। 1964 में 12वीं की परीक्षा पास कर मात्र 20 वर्ष की उम्र में उन्होंने नैनबाग में जूनियर हाई स्कूल को स्थापित किया ।और उसी स्कूल में अवैतनिक अध्यापन का कार्य कर जन सेवा को माध्यम बनाएं। उनकी जनसेवा की भावना को देखते हुए उन्हें 1972 में ग्राम पंचायत पाव, 1977 में ग्राम पंचायत टटोर नैनबाग का निर्विरोध प्रधान बनाया गया। इसी क्रम में 1983 में जौनपुर के ब्लाक प्रमुख और 1989 में जिला पंचायत उपाध्यक्ष टिहरी निर्वाचित हुए। उनके द्वारा जौनपुर के विकास का सपना संजोए हुए सपनों का आकार देने के लिए 1977 में नैनबाग में जनजाति क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक विकास समारोह का शुभारंभ किया गया, जोकि आज 35 वां नैनबाग जनजाति क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक विकास समारोह मनाया गया।

उनका सार्वजनिक जीवन पारदर्शी और क्षेत्रीय विकास के लिए सदैव समर्पित रहा है। भाषा का संयम जमीर व और कलम की ताकत का सही प्रयोग करके सामाजिक वह राजनीतिक जीवन किस तरह जिया जाए। विकास को लेकर जौनपुर में स्वर्गीय सरदार सिंह रावत को याद करते हुए। उनके द्वारा जो मिसाल पेश की गई उनको लेकर आज भी नैनबाग जौनपुर क्षेत्र में लोग उन्हें याद करते हुए अपना आदर्श मानकर याद करते हैं। पृथक राज्य गठन के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव के दौरान 2 फरवरी 2002 को विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान हृदय गति रुकने से उनकी मृत्यु हुई। 22 वीं पुण्यतिथि पर नैनबाग स्थापित उनके स्मारक में व्यापार मंडल, क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और जनमानस द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करते हुए याद किया गया। उनके अधूरे विकास के सपनों को पूरा करने और उनकी याद में आगामी पुण्यतिथि पर मेले का आयोजन हेतु चर्चा की गई। इस मौके पर डॉ वीरेंद्र रावत, सीताराम पंवार, मेहर सिंह पंवार, दिनेश तोमर, रामप्रसाद कवि, राम प्रसाद बिजल्वाण, शरण सिंह पंवार, जोत सिंह रावत, विक्रम सिंह कैंतूरा, श्याम सिंह चौहान, बिरेश कवि, सत्य सिंह, गंभीर सिंह रावत, अर्जुन सिंह रावत, अजीत कंबोज, गोविंद रफ्तार, रेनू विश्वकर्मा, प्रेम विश्वकर्मा, देशपाल पंवार आदि लोग मौजूद थे।

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