अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: नीर नारी शक्ति सम्मान में जल और स्वच्छता क्षेत्र की महिलाओं को किया सम्मानित
समारोह के दौरान जल जीवन मिशन कार्यक्रम से पूर्व एवं वर्तमान में प्रत्येक घरों में नल से जल की सुविधा उपलब्ध होने पर आये सामाजिक एवं आर्थिक बदलाव, जल जनित बीमारियों में कमी, ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं एवं बच्चों के जीवन में आये बदलावों को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
नारी शक्ति सम्मान समारोह कार्यक्रम के दौरान राज्य में पेयजल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी एवं अनुकरणीय नेतृत्व कर रही ग्राम प्रधानों, जल सखियों, ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति की सदस्यों, पर्यावरण सखियों, ग्रामों में पेयजल गुणवत्ता की जाँच हेतु उत्तरदायी महिला सदस्यों एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन के दौरान अवगत कराया कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार के सहयोग से जल जीवन मिशन योजना को वास्तव में धरातल पर क्रियान्वित किया गया है, इसके लिये मैं पेयजल विभाग के समस्त अधिकारियों का हृदय की गहराईयों से धन्यवाद करती हूँ। इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव आया है विशेषकर महिलाओं के कार्य बोझ में कमी आयी है तथा जंगली जानवरों से उत्पन्न खतरों / जोखिमों में कमी आयी है। स्कूली बच्चे अब अत्यधिक समय अपनी पढ़ाई में दे रहे हैं। ग्रामीण समुदाय की महिलाएं अपने बचे हुए अतिरिक्त समय का सदुपयोग अपने दैनिक कार्यों का निर्वहन करने एवं विभिन्न प्रकार की आजीविका गतिविधियों को संचालित करने में कर रही है। इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को घरों में नल से शुद्ध जल की आपूर्ति की जा रही है, जिससे दूषित पेयजल के उपयोग से होने वाली बीमारियों में भी कमी आयी है।
