राईस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य को हरेला के उत्सव पर किया पौधा भेंट
राईस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य को हरेला के उत्सव पर किया पौधा भेंट
कैबिनेट मंत्री ने राईस मिलर्स एसोसियेशन के पदाधिकारियों से वार्ता की
दीपक भारद्वाज
सितारगंज उत्तराखण्ड राईस मिलर्स एशोसियसन के पदाधिकारियों द्वारा राईस मिलर्स की विभिन्न समस्याओं के निराकरण हेतु कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या खाद्य एवं रसद विभाग देहरादून में हरेला के उत्सव पर एक पौधा भेट कर शुभकामनाएं दी गई तत्पश्चात उत्तराखण्ड राईस मिलसं की समस्याओं के सम्बन्ध में वार्ता की गई। कंबिनेट मंत्री द्वारा राईस मिलर्स एशोसियसन के पदाधिकारियों से सौर्हादपूर्ण वार्ता की गई एवं समस्याओं को सुना गया।
बैठक में राईस मिलर्स एशोसियसन के प्रदेश अध्यक्ष नरेश कंसल द्वारा मुख्य रूप से अवगत कराया गया किः कच्चा आढ़तिया द्वारा विगत वर्ष 2022-23 एवं 2023 24 में सरकारी मान खरीद योजना के अन्तर्गत जो धान खरीदा गया था उस पर 2 प्रतिशत मण्डी शुल्क तथा 0.50 प्रतिशत विकास सेस शुल्क कुत 2.50 प्रतिशत मण्डी शुल्क मण्डी कार्यालय में जमा किया है, परन्तु विभाग द्वारा कच्चा आड़तिया को मात्र 2 प्रतिशत मण्डी शुल्क का ही भुगतान किया गया। तथा विगत वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 के अवशेष 0.50 प्रतिशत विकास सेस शुल्क का भुगतान विभाग द्वारा अभी तक नही किया गया है। तथा मण्डी समितियों को वर्ष 2024-25 से अन्य एजेन्सियों की भांति 2.00 प्रतिशत मण्डी शुल्क जना कराने हेतु आदेश पारित करने हेतु अनुरोध किया गया। इस विषय पर मंत्री द्वारा मिलर्स की मांग को उचित वताते हुए आश्वासन दिया गया कि इस विषय पर शासन स्तर पर कार्यवाही चल रही है तथा व्यवहारिकता पूर्ण विचार कर शीघ्र ही इसका निराकरण किया जायेगा।
इस विषय पर भी चर्चा की गई कि विभाग द्वारा वर्ष 2019-20 के धान के परिवहन बिलों का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है, तथा इसके अतिरिक्त यह भी अवगत कराया गया कि मिलर्स को धान से चावल निर्मित कर विभाग द्वारा वताये गये गोदामों पर पहुंचाने पर परिवहन मद में काफी अधिक धनराशि व्यय करनी पड़ती है परन्तु विभाग द्वारा पिछले 03 वर्षों से एक ही दर पर परिवहन का भुगतान किया जा रहा है, जिससे मिलों को काफी आर्थिक क्षति हो रही है। अनुरोध किया गया कि मिलर्स को भी सरकार द्वारा खाद्य आपूर्ति ठेकेदारो की भुगतान दरों अनुसार परिवहन का भुगतान कराने की कृपा करें।
साथ ही राईस मिलर्स एशोसियसन के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा मंत्री महोदया को यह भी अवगत कराया गया कि आने वाले आगामी सीजन में या तो उत्तराखण्ड राज्य में पंजाव एवं हरियाणा प्रदेश की तर्ज पर धान खरीद नीति लागू की जाये अथवा कच्चा आड़तिया/राईस मिलसों द्वारा किसानों को धान का भुगतान करने के एक सप्ताह बाद भुगतान किया जाये या फिर एक सप्ताह के बाद जितनी देरी से विभाग द्वारा धान के बिलों का भुगतान किया जायेगा उस पर ब्याज दिया जाये,
बैठक में उत्तराखण्ड राईस मिलर्स एशोसियसन के प्रदेश अध्यक्ष नरेश कंसल, उपाध्यक्ष रमेश गर्ग, महामंत्री श्याम अग्रवाल, एवं प्रदेश मंत्री उमेश अग्रवाल तथा प्रदेश कोषाध्यक्ष पंकज वांगा आदि उपस्थित रहें
