पितृ पक्ष में पौधे लगाकर पर्यावरण की रक्षा का लिया संकल्प
पितृ पक्ष में पौधे लगाकर पर्यावरण की रक्षा का लिया संकल्प
उत्तरकाशी: जहां पहाड़ी क्षेत्रों में भारी वर्षा होने से प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखा कर मनुष्य जाति को अपना संदेश दे रही हैं कि प्रकृति के साथ छेड़खानी करना सभी के लिए नुकसान दायक हैं.वहीं दूसरी और पर्यवरण प्रेमी प्रताप सिंह पोखरियाल प्रकृति के साथ चल कर सभी को यह संदेश दे रहे हैं कि प्रकृति का सम्मान होना कितना जरूरी हैं.
अपने पितृ व स्वजनों की स्मृति में फलदार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए श्याम स्मृति वन के संस्थापक प्रताप सिंह पोखरियाल पर्यावरण प्रेमी ने कहा कि पुराणों में एक वृक्ष की तुलना सौ पुत्रों से की गई. ऐसे में हम सबको पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए व अधिकाधिक वृक्षारोपण करना चाहिए.हम सब न सिर्फ वृक्षारोपण करना चाहिए बल्कि लगाए गए पेड़ों की देखभाल व इनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी अवश्य लेनी चाहिए.
वहीं समलौंण आन्दोलन से प्रेरणा लेते हुए आदर्श रामलीला समिति के अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह मटूड़ा़ प्रेमी ने कहा कि बच्चों के जन्मदिन और त्योहारों पर पौधा लगाना पर्यावरण संरक्षण का एक शानदार तरीका है.यह नए जीवन का स्वागत करने पर्यावरण को स्वस्थ रखने और भविष्य के लिए एक स्थायी उपहार देने का एक सकारात्मक तरीका है.पौधा लगाने से बच्चों को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी सिखाने, प्रकृति से जुड़ने और जीव विज्ञान और पारिस्थितिकी के बारे में सीखने का अवसर मिलता है.यह बच्चों के साथ पेड़ के बड़े होने की कहानियाँ बनाने और दीर्घकालिक पारिवारिक परंपरा स्थापित करने का भी एक तरीका है।
समलौंण पक्षधर व गंगा विश्व धरोहर मंच के संयोजक व शिक्षक डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल ने कहा कि पितृपक्ष की 15 दिनों की अवधि को पितरों की पूजा और उनकी आत्मा की शांति के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है.आध्यात्मिकता से परे पितृ पक्ष के दौरान वृक्षारोपण का कार्य पृथ्वी की पारिस्थितिक लय के साथ सामंजस्य स्थापित करता है. वृक्ष प्रकृति के फेफड़े हैं जो कार्बन डाइऑक्साइड को अंदर लेते हैं और जीवनदायी ऑक्सीजन छोड़ते हैं.आप भी चाहते हैं कि आप अपने पितरों का आशीर्वाद पाए उनकी कृपा हमेशा आपके परिवार पर बनी रहे तो पितृ पक्ष के दौरान वृक्षारोपण जरूर करें।
इस अवसर पर उत्तरकाशी के असंख्य नागरिक प्रताप सिंह पोखरियाल द्वारा श्याम स्मृति वन की मुहिम शामिल हो रहे हैं।
