संगम तट पर योग की शक्ति और चट्टानों पर युवाओं का साहस, ‘हिमालय O2’ महोत्सव के दूसरे दिन दिखा रोमांच
संगम तट पर योग की शक्ति और चट्टानों पर युवाओं का साहस, ‘हिमालय O2’ महोत्सव के दूसरे दिन दिखा रोमांच
देवप्रयाग संगम तट पर योग और रॉक क्लाइंबिंग का रोमांच, ‘हिमालय O2’ महोत्सव में दिखा उत्साह
संगम तट पर योग की ऊर्जा, चट्टानों पर युवाओं का साहस—हिमालय O2 महोत्सव में रोमांचक आयोजन
देवप्रयाग में अध्यात्म और एडवेंचर का संगम, योग शिविर और रॉक क्लाइंबिंग से सजा महोत्सव
देवप्रयाग
जिला प्रशासन टिहरी गढ़वाल के विशेष प्रयासों से संचालित टिहरी महोत्सव 2026 हिमालय O2 के दूसरे दिन संगम नगरी देवप्रयाग में भक्ति, स्वास्थ्य और साहस का अद्भुत संगम देखने को मिला। महोत्सव की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए अलकनंदा और भागीरथी के पावन संगम तट पर सामूहिक योग शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ भोर की पहली किरण के साथ ही स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों ने हिमालय की शुद्ध हवा के बीच प्राणायाम और सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया।
गंगा की लहरों की कलकल ध्वनि के बीच योग साधकों ने मानसिक शांति और शारीरिक आरोग्य का संदेश दिया, जो इस महोत्सव के मुख्य उद्देश्य ‘शुद्धता और प्रकृति’ को चरितार्थ कर रहा था। योग इंस्ट्रक्टर साक्षी द्वारा मुख्य भूमिका निभाई गई।
एक ओर जहाँ संगम तट अध्यात्म और योग के रंग में रंगा था, वहीं दूसरी ओर देवप्रयाग- डाक बंगला रोड पर युवाओं के साहस और रोमांच की पराकाष्ठा देखने को मिली। जिसमें लगभग 50 के करीब लोगों ने प्रतिभाग किया। इस आयोजन को ‘हिडेन हिमालय’ नामक संस्था द्वारा कराया गया, जिसमें दीपक एवं धीरज ने मुख्य भूमिका निभाई।
साहसिक खेलों के प्रोत्साहन हेतु आयोजित रॉक क्लाइंबिंग (चट्टान आरोहण) गतिविधि में युवाओं ने दुर्गम और खड़ी चट्टानों पर रस्सी के सहारे चढ़कर अपनी जाँबाजी का शानदार प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में आयोजित इस साहसिक खेल ने क्षेत्र में एडवेंचर टूरिज्म की नई संभावनाओं को जन्म दिया है।
बीते दिन संपन्न हुई भव्य गंगा आरती और भजन संध्या के बाद दूसरे दिन योग और रॉक क्लाइंबिंग के इन आयोजनों ने महोत्सव में नया उत्साह भर दिया।
इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और स्थानीय युवा मौजूद रहे, जिन्होंने देवप्रयाग को योग और साहसिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने के इस अभिनव प्रयास की जमकर सराहना की।
