आपदा प्रभावित धराली गांव की मानसी पंवार रिवर राफ्टिंग में मनवा रहीं लोहा, भयावह मंजर देखने के बाद भी नहीं मानी हार, प्रशिक्षक के रूप में स्थापित कर रहीं नए आयाम
उत्तरकाशी(वीरेंद्र सिंह नेगी)- आपदा प्रभावित धराली गांव की मानसी पंवार जनपद की पहली महिला रिवर राफ्टिंग प्रशिक्षक के रूप में एक नया आयाम स्थापित कर रही हैं। वह पर्यटन विभाग और विभिन्न संस्थाओं की ओर से जनपद में आयोजित रिवर राफ्टिंग और नौकायन आदि प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सेवाएं दे रही हैंं। धराली आपदा के मंजर को आंखों के सामने देखने के बावजूद मानसी ने हार नहीं मानी और आज इस साहसिक खेल में महिलाओं का लोहा मनवा रही हैं।
धराली गांव की मानसी पंवार ने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से बेसिक और एडवांस का कोर्स किया। उसके बाद उन्होंने पर्यटन विभाग की ओर से जनपद और ऋषिकेश में रीवर राफ्टिंग का प्रशिक्षण लिया। साथ ही टिहरी झील में पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण भी लिया। उसके बाद वह शौकिया तौर पर ट्रैकर्स को स्थानीय स्तर पर गाइड के रूप में ट्रैकिंग करवाने लगीं। इसके साथ ही मानसी ने टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ भी ट्रैकिंग में कार्य किया। बीते पांच अगस्त को धराली में आई आपदा के भयावह मंजर में अपने लोगों को मलबे में दबते हुए देखा। आपदा के बाद सभी प्रभावितों की तरह उनकी परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ा।
इसके बावजूद मानसी ने निर्णय लिया कि अब रिवर राफ्टिंग को ही अपना करियर बनाकर उसे रोजगार के रूप में अपनाएगी। वह अब तक पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित दो रिवर राफ्टिंग प्रशिक्षण में बतौर प्रशिक्षक के तौर पर कार्य कर चुकी हैं। वही इन दिनों चल रहे प्रशिक्षण में भी अकेली महिला प्रशिक्षण के तौर पर कार्य कर रही है। वह रीवर राफ्टिंग में जनपद की एकमात्र पहली महिला प्रशिक्षक है। मानसी का कहना है कि उन्हें पुरुषों के बीच कार्य करने में कोई हिचक नहीं है। पर्वतारोहण के क्षेत्र में जनपद मेें कई महिलाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की है। अब भविष्य में वह भी रिवर राफ्टिंग में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कर जनपद का नाम रोशन करना चाहती हैं।
