एसजीआरआर विश्वविद्यालय ने स्वच्छता कर्मचारियों के योगदान को सराहा, मेयर सौरभ थपलियाल ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में की शिरकत
एसजीआरआर विश्वविद्यालय ने स्वच्छता कर्मचारियों के योगदान को सराहा, मेयर सौरभ थपलियाल ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में की शिरकत
स्वच्छता कर्मचारी अपने स्वास्थ्य का भी रखें ख्याल
समय समय पर टीकाकरण करवाएं और स्वास्थ्य के प्रति रहें सजग

देहरादून- श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) में स्वच्छता कार्मिकों एवम् पर्यावरण मित्रों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आ आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय में स्वच्छता अभियान में भागीदारी निभाने वाले स्वच्छता के सिपाहियों को प्रोत्साहित किया गया उनकी हौसलाफजाई की गई। सम्मान पाकर स्वच्छता कार्मिकों एवं पर्यावरण मित्रों के चेहरे खिल गए। कार्यक्रम में 100 स्वच्छता कार्मिकों एवम् पर्यावरणों को स्वच्छता किट भी वितरित की गई।

मंगलवार को श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के पटेल नगर कैंपस में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के आॅडिटोरिम में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल, आईक्यूएसी की डायरेक्टर डाॅ दिव्या जुयाल, एसजीआरआर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज़ के कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डाॅ पुनीत ओहरी एवम् एसजीआरआर विश्वविद्यालय के कोओर्डिनेटर डाॅ आर.पी. सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया। मेयर सौरभ थपलियाल ने कहा कि स्वच्छता कर्मचारी हमारे पर्यावरण मित्र हैं। सफाई कार्य सभी कार्यों से अलग है। स्वच्छता कर्मचारी दिन की शुरुआत शहर की साफ सफाई से करते हैं। इनका कार्य और योगदान अतुलनीय है।

डाॅ दिव्या जुयाल ने कहा एसजीआरआर विश्वविद्यालय के स्वच्छता कर्मचारी वास्तविक पर्यावरण मित्र हैं। स्वच्छ भारत अभियान, कोविड महामारी के दौर में इन्होंने नायक के भूमिका के रूप में काम किया। उन्होंने स्वच्छता कर्मियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा हैपेटाइटिस, टिटनेस टीकाकरण करवा कर रखना चाहिए और हमेशा अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए। उन्होंने स्वच्छता कार्य के दौरान गम बूट, ग्लब्स, मास्क सहित सभी आवश्यक एहतियात बरतने चाहिए।

डाॅ पुनीत ओहरी ने कहा कि हम सभी को मिलकर स्वच्छता कर्मचारी के साथ सहयोग करना चाहिए। स्वच्छता अभियान में हम सभी को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। कार्यक्रम को सफल बनाने में एसजीआरआर विश्वविद्यालय के फार्म डी फैकल्टी सदस्यों का मुख्य योगदान रहा।
