श्रीमद्भागवत कथा का पंचम दिवस: भागवताचार्य डॉ. द्वारिका प्रसाद नौटियाल ने किया भगवान के बाल लीलाओं का वर्णन
श्रीमद्भागवत कथा का पंचम दिवस: भागवताचार्य डॉ. द्वारिका प्रसाद नौटियाल ने किया भगवान के बाल लीलाओं का वर्णन
उत्तरकाशी (वीरेंद्र सिंह नेगी)- ज्ञानसू में श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस की कथा में भगवान के बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए भागवताचार्य डॉ. द्वारिका प्रसाद नौटियाल ने कहा कि भगवान को माखन इसलिए अच्छा लगता हैं क्यूकि माखन भक्त का प्रतीक है।

उन्होंने कथा में प्रवचन में समुद्र में कालीय नाग कि कथा का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि कालीय नाग बृज में समुद्र में रहता था कोई समुद्र में जाता तो उससे वह मार देता था। उन्होंने गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए बताया की 7 कोस लंबे चौड़े कालिकाल के देवता गोवर्धननाथ को 7 वर्ष के कन्हैया ने अपने सबसे छोटी उगली में 7 दिन रात अपनी अंगुली पर रखा।
भगवा धारण किए रहे इंद्र देव का अभिमान तोड़ा। इस लिए जीव को कभी अभिमान नहीं करना चाहिए और कर्म करना चाहिए फल की इच्छा नहीं रखनी चाहिए,जिससे कर्म करोगे तो फल मिलेगा इसलिए भगवान ने भी कर्म को प्रधान बताते हुए कहा कर्म करना जीव का धर्म है फल देना मेरा काम है।
