थौलधार के मंजरुवाल गांव का ऐतिहासिक निर्णय: सामाजिक कार्यक्रमों में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध
थौलधार- थौलधार की ग्राम पंचायत मंजरुवाल की आम बैठक पंचायत अध्यक्ष बबीता रावत की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सदस्य सुनील जुयाल की उपस्थिति रही।
बैठक में सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण और सराहनीय निर्णय लिया गया कि ग्राम पंचायत मंजरुवाल के अंतर्गत भविष्य में आयोजित होने वाले सभी वैवाहिक समारोह, चूड़ा कार्यक्रम, जन्मदिन समारोह, देव पूजन तथा अन्य व्यक्तिगत आयोजनों में शराब परोसने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। पंचायत ने यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध ₹51,000 (इक्यावन हजार रुपये) का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर सामाजिक बहिष्कार की कार्यवाही भी अमल में लाई जाएगी। निर्णय के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायत द्वारा एक निगरानी समिति का गठन किया गया है, जो समय-समय पर इसकी समीक्षा एवं पालन सुनिश्चित करेगी। यह प्रस्ताव ग्रामवासियों, मातृ शक्ति, युवा साथियों एवं वरिष्ठ नागरिकों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से पारित किया गया।
ग्राम पंचायत मंजरुवाल का यह निर्णय सामाजिक सुधार, नशामुक्त समाज की स्थापना तथा सकारात्मक सांस्कृतिक वातावरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है। यह पहल अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत करती है।
बैठक में पूर्व प्रधान गोविन्द सिंह रावत, पूर्व प्रधान पुष्पा जुयाल, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सोबन रावत, सब्बल सिंह चौहान, राम दयाल खंडूरी, राजेश्वर जुयाल,आलोक जुयाल, नथी गौनियाल शूरवीर रावत, गोविंद रावत, संजय चौहान, शांति प्रसाद, पूर्ण सिंह, सूरजमणि, प्रताप सिंह, मनवीर रावत, अनिल जुयाल, पुलम रावत, लक्ष्मी रावत, लीला, रीना, सकला चौहान, आशा रावत, उषा रावत, हुकमा, दीपा, रुक्मणि, शिला, लीला गौनियाल, मगनी रावत, मगनी गौनियाल, पूनम रावत, पार्वती खंडूरी, ममता गौनियाल, बचना, सिलोचना, बीना जुयाल, गीता रावत, कुसुम जुयाल, विशिला जुयाल, अतरा, गाया, मीरा रावत, पार्वती रावत, उजला देवी, अंजलि, भरोसी, विमला,सुषमा, आनंदी गौनियाल, कविता जुयाल, काजोल, पुष्पा गौनियाल, सुलोचना रावत,अंजू गौनियाल, सुंदरा खंडूरी, सुनीता जुयाल, कविता गौनियाल, गुड्डी, सुषमा जुयाल सहित अनेक गणमान्य ग्राम वासी उपस्थित रहे।
