चारधाम यात्रा 2026 गंगोत्री–यमुनोत्री धाम में स्वास्थ्य विभाग की सुदृढ़ व आधुनिक व्यवस्थाएं, तीर्थयात्रियों को मिलेगा भरोसेमंद स्वास्थ्य सुरक्षा कवच
चारधाम यात्रा 2026 गंगोत्री–यमुनोत्री धाम में स्वास्थ्य विभाग की सुदृढ़ व आधुनिक व्यवस्थाएं, तीर्थयात्रियों को मिलेगा भरोसेमंद स्वास्थ्य सुरक्षा कवच
उत्तरकाशी- आगामी चारधाम यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालु-हितैषी बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनपद उत्तरकाशी में व्यापक एवं सुनियोजित तैयारियां की जा रही हैं। मां गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम में इस वर्ष भी पूर्व वर्षों की भांति विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं, जिससे तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान त्वरित, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि यमुनोत्री धाम में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार हेतु लगभग 35 लाख रुपये की लागत से प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल भवन का निर्माण किया जा रहा है। यह आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि आपात परिस्थितियों में त्वरित उपचार सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। निर्माण पूर्ण होने के पश्चात अस्पताल में बेड क्षमता बढ़ाकर चार कर दी जाएगी तथा स्वास्थ्यकर्मियों के लिए समुचित आवासीय सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने बताया कि महानिदेशालय स्तर से तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दोनों धामों के प्रमुख यात्रा पड़ावों पर 08 एमबीबीएस चिकित्सकों के साथ प्रत्येक धाम में 01-01 फिजिशियन को जानकीचट्टी एवं गंगोत्री धाम में रोटेशन प्रणाली के आधार पर 15-15 दिनों के लिए तैनात किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य स्तर से जनपद को 20 बांडधारी चिकित्सकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है, जिससे चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
चारधाम यात्रा के दृष्टिगत यमुनोत्री एवं गंगोत्री पैदल मार्गों पर तैनात स्वास्थ्य मित्रों (एफएमआर) को पुनः प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार प्रदान करने में सक्षम बन सकें। इसी क्रम में मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.सी. आर्य की अध्यक्षता में स्वास्थ्य मित्रों के एक बैच को व्यावहारिक एवं उपयोगी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रोहित भंडारी, जानकीचट्टी प्रभारी डॉ. हरदेव पंवार, फार्मासिस्ट श्याम चौहान सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि 17 अप्रैल से बड़कोट दोबाटा एवं हीना चेकपोस्ट पर स्क्रीनिंग प्वाइंट पूर्ण रूप से संचालित किए जाएंगे, जिससे यात्रियों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें सुरक्षित यात्रा हेतु आवश्यक परामर्श प्रदान किया जा सके। यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव भंडेलीगाड़, बम्बूहाट एवं यमुनोत्री में 03 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) स्थापित की जा रही हैं, जहां जीवनरक्षक दवाइयों, ऑक्सीजन एवं ईसीजी जैसी अत्यावश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
आकस्मिक परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु दोनों धामों के यात्रा मार्गों पर 16 विभागीय एम्बुलेंस एवं 108 सेवा की 15 एम्बुलेंस (05 एएलएस एवं 10 बीएलएस) तैनात की जाएंगी, जिससे आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने यह भी बताया कि स्वास्थ्य मित्रों के दूसरे बैच को आगामी सप्ताह में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही राज्य स्तर से समय-समय पर आयोजित वर्चुअल बैठकों में प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुपालन में सभी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद, समन्वित एवं प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
