पहाड़ों में हाड़ कंपाने वाली ठंड: जमने लगे नदी-नाले, फिर भी पर्यटकों का तांता जारी
उत्तरकाशी(वीरेंद्र सिंह नेगी)- जनपद उत्तरकाशी में मौसम में बदलाव के चलते इन दिनों उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी ना होने के वजह से मुख्य नदी व नाले जम चुके हैं. वहीं निचले पहाड़ी क्षेत्रों में धुंध छाई हुई है और ठंड में तेजी आई है। कड़ाके की ठंड के कारण कई क्षेत्रों में पानी जम गया है.जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
उच्च हिमालयी क्षेत्र जहां इस समय में आमतौर पर बर्फबारी देखने को मिलती थी। इस बार अब तक बर्फ विहीन नजर आ रहे हैं। पहाड़ों पर बर्फ न होने से लोगों के बीच मौसम को लेकर चर्चा बनी हुई है। जनवरी का महीना शुरू हो चुका है, लेकिन अब तक कहीं भी बर्फ दिखाई नहीं दी है।
मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा में देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं। हालांकि बढ़ती ठंड के कारण वहां ठहरने वाले पर्यटकों की संख्या सीमित बनी हुई है.वहीं नए वर्ष को लेकर पर्यटन स्थल हर्षिल और बगोरी की ओर धीरे-धीरे पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है।
कड़ाके की ठंड के बावजूद पर्यटक हर्षिल व् बगोरी पहुंच रहे हैं और स्थानीय पर्यटन व्यवसाय नए वर्ष पर बर्फबारी की उम्मीद लगाए हुए हैं. जिससे पर्यटन गतिविधियों में और बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है.
बड़ी संख्या में यात्री बगोरी गांव की ओर पहुंच रहे हैं। पर्यटक भी होम स्टे व्यवसायियों से काफी खुश नजर आ रहे हैं। पर्यटकों का कहना हैं कि सुरक्षा कि दृष्टि से हर्षिल वेळी सुरक्षित है। साथ ही यंहा के व्यंजन भी लाजवाब है। साथ ही पहाड़ी वादिया भी बहुत अधिक सुन्दर हैं।
