उत्तराखंडउधम सिंह नगर

ताड़का, मारीच, सुबाहु वध, अहिल्या उद्धार का मंचन देख दर्शक हुए अभिभूत

ताड़का, मारीच, सुबाहु वध, अहिल्या उद्धार का मंचन देख दर्शक हुए अभिभूत

 

दीपक भारद्वाज

सितारगंज में रामलीला का मंचन के दौरान ताड़का वध, मारीच, सुबाहु वध, अहिल्या उद्धार के दृश्य को जीवंत दर्शाया गया। इस दौरान रामलीला को देखकर दर्शक अभिभूत हो उठे। रामलीला के मंचन में दिखाया गया कि विश्वामित्र के साथ राम व लक्ष्मण उनके आश्रम के तरफ चल देते हैं तो रास्ते ताड़का राक्षसी सोई रहती हैं तो राम विश्वामित्र से पूछते है कि ये भयानक शरीर वाली कौन है तो विश्वामित्र बताते है कि यह ताड़का राक्षसी है जो साधू-संत पकड़ कर खा जातीं हैं इसलिए इसका वध करो तो राम ताड़का का वध करते है फिर आश्रम पर पहुंच कर विश्वामित्र के यज्ञ को प्रारंभ कराते उसी समय मारीच, सुबाहु आकर उनकी यज्ञ भंग करने की कोशिश करते हैं तभी राम एक छींक का बाण मार कर मारीच को सौ योजन समुद्र पार भेज देते हैं और सुबाहु का वध करते हैं, फिर जब विश्वामित्र की यज्ञ संपन्न हो जाती है तो राम लक्ष्मण से पूछते है कि हे बेटा राम आप दोनों भाई के सहायता से मेरा यज्ञ पूरा हो गया रास्ते में गौतम की पत्नी अहिल्या जो पत्थर के शिला के रूप में पड़ी थी। राम अपने चरण रज धुल से अहिल्या का उद्धार किया। रामलीला का तीसरा भाग पूर्ण हुआ यहां रामलीला कमेटी के अध्यक्ष राकेश त्यागी, कोषाध्यक्ष संदीप गुप्ता, महामंत्री भीमसेन गर्ग, उपाध्यक्ष पवन अग्रवाल,

एमपी तिवारी, राजेंद्र सिंह चौहान, अमित रस्तोगी, शिवपाल सिंह चौहान, सुरेश जैन, पवन अग्रवाल, भगवान सिंह भंडारी, नीरू गुप्ता, अभिषेक जैन, दीपचंद्र कौशल, बंटी कौशल, मनोज अरोरा,, नरेश ठाकुर, सत्येंद्र दिवाकर, महिपाल सिंह चौहान मौजूद रहे।

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