उत्तरकाशीउत्तराखंड

जिला मुख्यालय से लेकर तहसील, ब्लॉक, नगरपालिका वार्ड एवं ग्राम स्तर पर भव्यता से मनाया गया प्रथम यूसीसी दिवस

जिला मुख्यालय से लेकर तहसील, ब्लॉक, नगरपालिका वार्ड एवं ग्राम स्तर पर भव्यता से मनाया गया प्रथम यूसीसी दिवस

उत्तरकाशी- प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) के ऐतिहासिक क्रियान्वयन के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिले में प्रथम यूसीसी दिवस मनाया गया। मुख्य कार्यक्रम जिला मुख्यालय पर आयोजित हुआ, जहाँ प्रशासन और कानून के जानकारों ने इस कानून की महत्ता पर प्रकाश डाला। इस दौरान वक्ताओं द्वारा अवगत कराया गया कि यूसीसी का उद्देश्य समाज के हर नागरिक को समान अधिकार देना और दशकों से चली आ रही कानूनी विसंगतियों को दूर करना है। यह दिवस भविष्य में सामाजिक समरसता के प्रतीक के रूप में याद किया जाएगा।

जिला मुख्यालय के ऑडिटोरियम में द्वीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। उपनिबंधक अभिसार चौधरी द्वारा यूसीसी के विषय में जागरूकता और जरूरी जानकारियां साझा की गयी तथा यूसीसी के संबंध में क्विज का आयोजन भी किया गया जिसमें उपस्थित जनसमूह द्वारा उत्साह के साथ प्रतिभाग किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिले में यूसीसी के कार्यान्वयन को लेकर उत्कृष्ट कार्य काने वाले कर्मिकों को भी सम्मानित किया गया।

जिला मुख्यालय के साथ-साथ बड़कोट तहसील के अंतर्गत आईटीआई बड़कोट में भी यूसीसी दिवस पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बड़कोट में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया। बड़कोट में अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय जनता को यूसीसी के संबंध में जानकारी प्रदान की गई जिससे यूसीसी के माध्यम से विवाह पंजीकरण, उत्तराधिकार और अन्य पारिवारिक मामलों में सरलता आएगी। इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित दूरस्थ क्षेत्रों से आए लोगों ने भी इस नई व्यवस्था के प्रति अपनी जिज्ञासाएँ साझा कीं और कानून की बारीकियों को समझा।
यूसीसी दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशों पर जिले की नगर पालिका के विभिन्न वार्डों में मोहल्ला शिविर का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से शहरी क्षेत्र में यूसीसी के बारे में जानकारी दी गई तथा यूसीसी पंजीकरण किए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी की व्यक्तिगत धार्मिक मान्यताओं में हस्तक्षेप नहीं करती, बल्कि यह नागरिक अधिकारों को सुरक्षा प्रदान करती है। महिलाओं के अधिकारों, उनके पैतृक संपत्ति में समान हिस्सेदारी और भरण-पोषण के नियमों पर यूसीसी में विशेष प्रावधान किए गए हैं।

गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के जन-प्रतिनिधि के रूप में, मुझे गर्व है कि हमारा राज्य समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। यह कानून किसी जाति या धर्म के विरुद्ध नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सशक्तिकरण और सभी नागरिकों को समान अधिकार देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। हमने अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं का सम्मान करते हुए, बहुविवाह और कुप्रथाओं को समाप्त कर एक प्रगतिशील समाज की नींव रखी है।

यूसीसी दिवस के अवसर पर जनपद मुख्यालय, तहसील, ब्लॉक , नगर पालिका और ग्राम स्तर में भी जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा जिले में यूसीसी की मार्गदर्शिकाएँ और पम्फलेट्स भी वितरित किए गए। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि आगामी दिनों में न्याय पंचायत स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।इस दौरान जिला मुख्यालय पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यूसीसी सम्बंधित जागरूकता नाटक प्रतुत किए गए।

 

इस दौरान जिला मुख्यालय के कार्यऋम में ब्लॉक प्रमुख डुंडा राजदीप परमार,नगर पालिका अध्यक्ष चिन्यालीसौड़ मनोज कोहली , पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, सीडीओ जय भारत सिंह, सीओ जनक पंवार, सीएमओ बीएस रावत, डीईओ शैलेन्द्र अमोली, समाज कल्याण अधिकारी सुधीर जोशी, पर्यावरण विशेषज्ञ प्रताप मटुडा सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। बड़कोट में पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम डोभाल,अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र, एसडीएम बृजेश तिवारी,डीएफओ रविंद पुंडीर, तहसीलदार रेनू सैनी , ईओ उमेश सुयाल सहित अन्य उपस्थित रहे।

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