पीएम किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त जारी, प्रदेश के 7.98 लाख किसानों को योजना का मिला लाभ
कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से जुड़े सूबे के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री का जताया आभार
देहरादून- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज महाराष्ट्र से पीएम किसान सम्मान निधि की 18वीं किस्त जारी की। प्रधानमंत्री ने 9.40 करोड़ से अधिक किसानों को ₹20 हज़ार करोड़ से अधिक की सम्मान राशि उनके खातों में डिजिटली हस्तांतरित की गई। जिसके माध्यम से उत्तराखण्ड के 7.98 लाख पात्र लाभार्थियों किसानों को 169 करोड़ रुपए की धनराशि वितरित की गई।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार किसान कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी निवेश संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिये एक आर्थिक आधार प्रदान करना है। ताकि वे फसल उत्पादन में नवीन तकनीक और गुणवत्तापूर्ण बीजों का प्रयोग कर उत्पादन में बढ़ोतरी कर सकें। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से लघु एवं सीमांत किसानों को साहूकारों तथा अनौपचारिक ऋणदाता के चंगुल से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देश में 11 करोड़ से अधिक किसानों ने पीएम किसान योजना का लाभ प्राप्त किया है, जो इसकी व्यापक पहुँच और प्रभाव को दर्शाता है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपए की दर से प्रत्यक्ष आय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। यह आय सहायता 2,000 रुपए की तीन समान किश्तों में लाभान्वित किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष रूप से हस्तांतरित की जाती है, ताकि संपूर्ण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। किसान ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, खतौनी की नकल, बैंक खाता विवरण दिया जाना आवश्यक है। आरंभ में यह योजना केवल लघु एवं सीमांत किसानों (02 हेक्टेयर से कम जोत वाले) के लिये ही शुरू की गई थी, किंतु दिनांक 31 मई, 2019 को कैबिनेट द्वारा लिये गए निर्णय के उपरांत यह योजना देश भर के सभी किसानों हेतु लागू कर दी गई।
इस अवसर पर सचिव कृषि एसएन पांडे, कृषि निदेशक केसी पाठक, संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र पुंडीर, मंडल अध्यक्ष प्रदीप रावत, पूनम नौटियाल, भूपेंद्र कठेत, चुन्नी लाल सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।


