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अंकिता भंडारी मामले मे कोर्ट का निर्णय जनता की जीत और जवाबदेह शासन की घोषणा: खजान दास

 

अंकिता भंडारी मामले मे कोर्ट का निर्णय जनता की जीत और जवाबदेह शासन की घोषणा: खजान दास

 

मुख्यमंत्री धामी के राज में न कोई अपराधी बच सकता है, न ही कोई पीड़ित अकेला महसूस करेगा: खजान दास 

 

देहरादून

 

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता खजान दास ने अंकिता हत्या कांड मे गुनाहगारों मिली सजा जन भावनाओं के अनुरूप बताते हुए कहा कि यह केवल एक सजा नहीं, बल्कि उस सख्त और जवाबदेह शासन की घोषणा है जिसकी कमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों में है।

 

खजान दास ने कहा कि इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न केवल संवेदनशीलता दिखाई, बल्कि विलंब के बजाय निर्णय की गति को चुना। घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपियों को जेल भेजना, एसआईटी का गठन कर जांच को तेज़ और पारदर्शी बनाया। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि जब सरकार गंभीर होती है, तो न्याय की प्रक्रिया न रुकती है, न झुकती है।

प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि मजबूत कानूनी पैरवी के अलावा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परिवार को ₹25 लाख की आर्थिक मदद दी। साथ ही अंकिता के भाई को सरकारी नौकरी देकर एक व्यावहारिक सहानुभूति का परिचय दिया। सरकार ने तीन बार वकील बदले ताकि केस में कोई कसर न रह जाए और सरकारी वकील की दमदार पैरवी से बार-बार आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज होती रहीं।

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के राज में न कोई अपराधी बच सकता है, न ही कोई पीड़ित अकेला महसूस करेगा। उत्तराखंड की जनता आज भरोसे से कह सकती है कि उनकी सरकार उनके साथ है। इस फैसले से यह भी साबित हुआ कि धामी सरकार के राज में बेटियों की गरिमा और न्याय व्यवस्था दोनों सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री ने साबित किया है कि वे न तो दबाव में झुकते हैं और न ही संवेदनाओं को अनसुना करते हैं।

 

खजान दास ने कहा कि उत्तराखंड में यह सिर्फ न्याय की जीत नहीं है, यह एक नई प्रशासनिक संस्कृति की शुरुआत है—जहां सरकार जनता की पीड़ा को समझती है और जवाबदेह रहती है।

 

 

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