उत्तराखंडनैनबाग

नैनबाग के नागथात में श्रीमद्भागवत कथा और श्रीमद देवी भागवत कथा का समापन

नैनबाग के नागथात में श्रीमद्भागवत कथा और श्रीमद देवी भागवत कथा का समापन

 

नैनबाग( शिवांश कुंवर)–नैनबाग के नाग देवता सिद्ध पीठ नागथात में सात दिवसीय श्रीमद भागवत व श्री देवी भागवत महापुराण कथा ज्ञान का समापन हुआ, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर दर्जनों देव डोलियों के दर्शन कर सुख समृद्धि की कामना की है।

6500 हजार फिट की उंचाई पर स्थित नागथात में श्रीमद्भागवत कथा व श्रीमद देवी भागवत कथा में पट्टी गोडर के ओड़गांव से मां भद्रकाली की डोली, कंडारी से राजा रघुनाथ, जयद्वार से भद्रराज देवता, कोड़ी पंतवाडी से नागदेवता, ग्राम म्याणी से नागदेवता व ग्राम बिरोड से महासू देवता और नागदेवता की डोली कथा में आगमन हुआ। हजारों की संख्या में श्रद्वालुओं ने डोलियों के दर्शन कर मन्नते मांगी।

 

कथा वाचक आचार्य पंकज नौटियाल ने कहा कि श्री मद्भागवत कथा श्रवण करने से जीवन का अंधकार दूर होने के साथ-साथ क्रोध, अहंकार, लोभ, वासना आदि विकार दूर होते है । और जीवन में शांति उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।

 

श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा के कथा वक्ता संजीव नौटियाल ने कहा कि देवी भागवत में मां के नौ स्वरूपों का वर्णन की महिमा है। सच्चे मन से कथा का रसपान से मोक्ष की प्राप्ति और अपने सनातन धर्म के प्रति सभी को लोगों का विश्वास सजग रहना चाहिए।

 

सुन्दर और रमणीक स्थल में देव डोलियों के दर्शन को दूर दराज क्षेत्रों से आस्था के साथ पहुंचे ।

इस मौके पर आचार्य धीरज उनियाल, आशा राम, हुकम सिंह रमोला, सोमवारी लाल नौटियाल, सुनील डोभाल, संदीप नौटियाल, जितेन्द्र गौड़, अशोक, राजाराम नौटियाल, नरेश नौटियाल, कमल नौटियाल, राजेन्द्र प्रसाद, गौतम उनियाल, दिनेश तोमर, अनिल कैन्तुरा आदि उपस्थित रहे।

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