मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किन्नारपु राममोहन नायडू ने किया सम्मेलन का उद्घाटन
देहरादून में उत्तर क्षेत्र नागरिक उड्डयन मंत्रियों का सम्मेलन हुआ आयोजित
सम्मेलन देश की उड्डयन विकास यात्रा में एक नया अध्याय
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किन्नारपु राममोहन नायडू ने किया सम्मेलन का उद्घाटन
पिछले 10 वर्षों में हमने 88 नए हवाई अड्डे जोड़े हैं, अर्थात् लगभग हर 40 दिन में एक नया हवाई अड्डा : केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री
देहरादून : नागरिक उड्डयन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित उत्तर क्षेत्र नागरिक उड्डयन मंत्रियों का सम्मेलन 2025 आज देहरादून, उत्तराखंड में सम्पन्न हुआ। इस सम्मेलन का उद्देश्य देश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र की विशाल संभावनाओं को साकार करना रहा, जैसा कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किन्नारपु राममोहन नायडू ने अपने संबोधन में कहा।
चर्चाएं मुख्य रूप से उत्तर भारत के विमानन परिदृश्य में कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचा और निवेश को मजबूत करने की कार्यान्वयन योग्य रणनीतियों पर केंद्रित रहीं। एफआईसीसीआई और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने इस प्रथम क्षेत्रीय सम्मेलन के आयोजन में उद्योग का महत्वपूर्ण सेतु बनकर भूमिका निभाई।
उन्होंने समावेशी विमानन विकास के लिए राज्य-विशिष्ट रणनीतियों और सहयोगात्मक दृष्टिकोण के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता दोहराई।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जो सम्मेलन के मुख्य अतिथि थे, ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र राज्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, पर्यटन और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में हो रही प्रगति की सराहना की और राज्य की पहाड़ी भू-भागों में हेलीकॉप्टर संचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की महत्ता को रेखांकित किया, जिसके लिए राज्य सरकार और मंत्रालय दोनों प्रतिबद्ध हैं।
सम्मेलन के अंत में आयोजित प्लेनरी सत्र ने पूरे दिन हुई चर्चाओं और निष्कर्षों का समावेश करते हुए एक समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। केंद्रीय मंत्री श्री नायडू ने उत्तर क्षेत्र के लिए मंत्रालय की रणनीतिक प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला — जैसे हेलीपोर्ट अवसंरचना का विकास, UDAN मार्गों का विस्तार, फ्लाइंग ट्रेनिंग संस्थानों और MRO हब्स को सुदृढ़ करना, और केंद्र-राज्य-उद्योग के बीच समन्वय बढ़ाना। उन्होंने एक-से-एक बैठकों और उद्योग सत्रों में प्राप्त सुझावों और आवश्यकताओं पर भी विचार साझा किया तथा क्षेत्र में विमानन क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की पूर्ण प्रतिबद्धता जताई।
