रामलीला में शबरी मिलन, सुग्रीव मित्रता,बाली वध का मंचन
रामलीला में शबरी मिलन, सुग्रीव मित्रता,बाली वध का मंचन
बाली वध देख दर्शकों ने जय श्री राम का लगाया जयकारा
सितारगंज(दीपक भारद्वाज) – वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा चल रही रामलीला में राम हनुमान मिलन, राम सुग्रीव मित्रता, शबरी नवधा का मंचन हुआ। रामलीला में प्रभु श्री राम व लक्ष्मण माता सीता की खोज में वन-वन भटक रहे थे। माता सीता की खोज करते हुए प्रभु श्री राम शबरी आश्रम पहुंच गए। यहां राम ने शबरी के झूठे बैर खा कर भगवान और भक्त के निस्वार्थ प्रेम को दर्शाया। भगवान राम ने शबरी को नवधा भक्ति बताते हुए, सीता की सुध पूछी, शबरी ने बताया कि आगे ऋष्य्मूक पर्वत पर सुग्रीव मिलेंगे वहीं माता सीता की खोज में आप की मदद करेंगे। इस दौरान दर्शकों को श्री राम व हनुमान के अलौकिक मिलन देखने को मिला। सुग्रीव अपने बड़े भाई बाली के डर से ऋष्य्मूक पर्वत पर अपने विश्वसनीय मित्रों के साथ रहते हैं। हनुमान जी ने सुग्रीव के बारे में बताते हुए कहा कि सुग्रीव अपने भाई बाली से बहुत परेशान हैं। बाली ने सुग्रीव का धन-स्त्री आदि सब कुछ छीन लिया। धन-स्त्री के हरण होने पर सुग्रीव दुखी होकर चार मंत्रियों के साथ ऋष्यमूक पर्वत पर रहने लगे हैं। हनुमान श्रीराम-लक्ष्मण को आदरपूर्वक सुग्रीव के पास ले गए और अग्नि के साक्षित्व में श्रीराम और सुग्रीव की मित्रता कराई। भगवान ने सुग्रीव को आश्वस्त किया कि उनके दुखों का जल्द अंत होगा। भगवान श्री राम ने बाली का एक ही बाण में वध कर दिया। यह देख दर्शक प्रभु श्री राम का जयकारा लगाने लगे, प्रभु श्री राम के जयकारा से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। बाली के मरने के बाद प्रभु श्री राम ने सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बना दिया, वहीं अंगद को युवराज। इसके बाद सुग्रीव ने हनुमान जी के साथ असंख्य वानरों की सेना माता सीता जी की खोज में चारों दिशा में भेजा।
कार्यक्रम का संचालन स्टेज सेक्रेटरी एडवोकेट अमित रस्तोगी ने किया यहां रामलीला कमेटी के अध्यक्ष राकेश त्यागी, कोषाध्यक्ष संदीप गुप्ता, महामंत्री भीमसेन गर्ग, उपाध्यक्ष पवन अग्रवाल, एमपी तिवारी, राजेंद्र सिंह चौहान, अमित रस्तोगी, शिवपाल सिंह चौहान, सुरेश जैन, पवन अग्रवाल, भगवान सिंह भंडारी, नीरू गुप्ता, अभिषेक जैन, दीपचंद्र कौशल, बंटी कौशल, मनोज अरोरा,, नरेश ठाकुर, सत्येंद्र दिवाकर, महिपाल सिंह चौहान मौजूद रहे
