कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आजाद हिन्द फौज के महानायक वीर शहीद केसरी चन्द को अर्पित की श्रद्धांजलि
उन्होंने कहा कि आजाद हिंद फौज की ओर से लड़ते हुए वीर केसरी चंद को ब्रिटिश सेना ने गिरफ्तार कर लिया था। उन्हें ब्रिटिश शासन के विरुद्ध युद्ध करने के आरोप में आर्मी एक्ट की धारा 41 के तहत 03 फरवरी 1945 को मृत्यु दंड की सजा सुनाई गई और 3 मई 1945 को मात्र 24 वर्ष 6 माह की आयु में फांसी पर लटका दिया गया।
मंत्री जोशी ने कहा कि वीर केसरी चंद की शौर्यगाथा देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरों और बलिदानियों की भूमि है, चाहे प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में पराक्रम दिखाने की बात हो या आजादी की लड़ाई में अपना सर्वस्व अर्पित करने का प्रसंग, हर युग में उत्तराखंड के वीरों ने देश की सेवा में अद्भुत साहस और बलिदान का परिचय दिया है।
उन्होंने कहा कि 1962 और 1971 के युद्ध से लेकर गलवान घाटी और ताज होटल पर हुए आतंकी हमले तक, उत्तराखंड के वीर सपूतों ने हमेशा अपनी जान की बाजी लगाकर मातृभूमि की रक्षा की है। वीर केसरी चंद जैसे महानायकों का बलिदान सदा राष्ट्र को प्रेरणा देता रहेगा।
इस अवसर पर अमित पांडे, राजेश चौहान, अमित जोशी, जयवीर चौहान, सतपाल चौहान, रविंद्र भंडारी, सरदार चौहान,राहुल चौहान सहित कई लोग उपस्थित रहे।
