बीडीसी नौगांव की बैठक संपन्न, ईई पीएमजीएसवाई के कार्यों की जांच व तबादले का प्रस्ताव पारित
बीडीसी नौगांव की बैठक संपन्न, ईई पीएमजीएसवाई के कार्यों की जांच व तबादले का प्रस्ताव पारित
नौगांव/उत्तरकाशी (रोबिन वर्मा)- नौगांव बीडीसी बैठक में नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। जनप्रतिनिधियों द्वारा सड़क,पेयजल,बिजली,मनरेगा जैसे ज्वलंत समस्याओं को सदन में उठाया। बुधवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की उपस्थिति में ब्लॉक प्रमुख सरोज पंवार की अध्यक्षता में क्षेत्र पंचायत की बैठक हुई। बैठक में यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल और बागवानी विकास परिषद के उपाध्यक्ष राजकुमार भी उपस्थित रहे।बैठक में पीएमजीएसवाई,लोक निर्माण,ग्राम्य विकास,समाज कल्याण,शिक्षा,खाद्य,बिजली,पानी,सिंचाई और कृषि,उद्यान विभागों के कार्यों पर विशेष चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा करते हुए जनप्रतिनिधियों ने ब्रीडकुल के तहत नगांण गांव कुर्सिल सड़क मार्ग की घटिया गुणवत्ता का मुद्दा उठाया। इस पर ईई ने पेंटिंग,पेचवर्क और नाली सफाई के कार्यों की प्रगति की जानकारी दी और गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का आश्वासन दिया। जनप्रतिनिधियों द्वारा गातु-मोला पाला सड़क निर्माण में परिसंपत्तियों के नुकसान का आंकलन करने की मांग की। साथ ही नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों द्वारा विकास खंड नौगांव के कांडी सड़क मार्ग की तर्ज पर अन्य सड़कों के निर्माण की भी अपील की। जनप्रतिनिधियों द्वारा पीएमजीएसवाई के ईई द्वारा समस्याओं के समाधान में देरी और जनप्रतिनिधियों के फोन नहीं उठाने के आरोपों के बाद प्रमुख ने पीएमजीएसवाई के ईई के स्थानांतरण और कार्यों की जांच कराने का प्रस्ताव पारित किया। वन विभाग की समीक्षा में एसडीओ साधुलाल ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी और बताया कि फ्रीग्रांट का छपान कर लिया गया है और 60 पीडी स्वीकृत कराई गई है। यमुनोत्री विधायक ने आपदा से क्षतिग्रस्त पेड़ों को पहले स्थानीय हकदारों को देने की बात कही। उसके बाद ही वन निगम को देने की अनुमति दी जानी चाहिए। पेयजल निगम की समीक्षा के दौरान दखियाटगांव,तटाउ और गोडर पट्टी में जल जीवन मिशन के अधूरे निर्माण कार्यों पर जनप्रतिनिधियों द्वारा नाराजगी जताई गई। साथ ही इडग और डांडा पेयजल योजनाओं को लेकर भी शिकायतें की गईं। देवराणा पम्पिंग योजना के लंबित कार्य को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। विभाग ने अगले वर्ष तक योजना पूर्ण करने का आश्वासन दिया।

सदन में सीएचओ डॉ.रजनीश सिंह ने विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने विशेष रूप से एपल मिशन और कीवी मिशन के अंतर्गत चल रही गतिविधियों के बारे में बताया। इसके साथ ही उन्होंने एंटी नेट,ड्रिप सिंचाई प्रणाली,वर्मी कम्पोस्ट इकाई, दवाइयाँ, उन्नत बीज और पॉलीहाउस निर्माण जैसी योजनाओं की जानकारी देते हुए क्षेत्र में बागवानी को प्रोत्साहित करने पर बल दिया। वहीं कृषि विभाग की ओर से भूमि संरक्षण अधिकारी ने बताया कि विकास खंड नौगांव के सभी गांवों में जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा हेतु खेतों की घेरबाड़ (फेंसिंग) की डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के अंतर्गत सिंचाई संबंधी कार्य प्रगति पर हैं तथा गेहूं, मसूर आदि बीजों का वितरण शीघ्र ही किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा।
बैठक में प्रमुख ने नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि उनके सहयोग से विकास की गति में और वृद्धि होगी।प्रमुख ने सभी विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा करते हुए कहा कि सदन में सदस्यों द्वारा उठाई गई समस्याओं का समयबद्धता के साथ गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इससे पूर्व सदन में यमुनाघाटी को जिला बनाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इस दौरान बागवानी विकास परिषद के उपाध्यक्ष राजकुमार ने बागवानी को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बीडीसी में जो भी ज्वलंत समस्याएं जनप्रतिनिधियों द्वारा उजागर की गई है,उनका यथा समय निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत वन भूमि हस्तांतरण में आ रही अड़चनों को शीघ्र सुलझाने के लिए तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में ज्येष्ठ प्रमुख सीमा चौहान, कनिष्ठ उप प्रमुख कुलदीप कुमार, जिला पंचायत सदस्य बीना चौहान,सीडीओ जय भारत सिंह,एसडीएम बृजेश तिवारी,पीडी अजय सिंह,सीएचओ डॉ.रजनीश सिंह,डीएसओ आशीष कुमार,एसडीओ साधुलाल पयाल, पर्यावरण विशेषज्ञ स्वजल प्रताप मटूड़ा,जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास यशोदा बिष्ट सहित अन्य अधिकारी,क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान उपस्थित रहे।
