सीएम धामी ने आंध्रप्रदेश के अन्नामय्या जिले के मदनपल्ली में पूर्व पीएम अटल बिहारी की प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
आंध्रप्रदेश- सीएम पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को आंध्रप्रदेश के अन्नामय्या जिले के मदनपल्ली में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘अटल-मोदी सुशासन यात्रा’ में प्रतिभाग किया और जनसभा को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी की प्रेरणा से आज पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की दिशा में निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर रहा है। उन्होंने कहा कि ‘स्टार्टअप इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी योजनाओं के माध्यम से भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त रूप से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की एक अग्रणी आर्थिक शक्ति बनने के साथ-साथ रक्षा, अंतरिक्ष और अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। मोदी सरकार के कार्यकाल में देश के 99 प्रतिशत गांव सड़कों से जुड़ चुके हैं, जबकि स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन क्षेत्र में भी ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिले हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण हेतु अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं — अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल लोक तथा बद्रीनाथ व केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण इसके उदाहरण हैं।

उन्होंने कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति, ट्रिपल तलाक उन्मूलन, नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और वक्फ संशोधन जैसे ऐतिहासिक निर्णयों से ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को सशक्त आधार मिला है।
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर आंध्रप्रदेश में सीएम चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों की सराहना की और कहा कि पोलावरम परियोजना, औद्योगिक शहरों, नाइट विज़न फैक्ट्री, सेमीकंडक्टर इकाई आदि के माध्यम से राज्य विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल जी की प्रेरणा से ही उत्तराखंड राज्य का निर्माण संभव हुआ और आज प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड शिक्षा, स्वास्थ्य, स्टार्टअप, रोजगार और सुशासन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बन चुका है। राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करना, धर्मांतरण विरोधी कानून तथा लैंड जिहाद के विरुद्ध कड़े कदम इसी दिशा में उठाए गए हैं।
