सीएम धामी ने पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था द्वारा आयोजित महाकौथिग में किया प्रतिभाग
कहा प्रवासी उत्तराखंडी हैं राज्य के ब्रांड एंबेसडर
प्रवासियों द्वारा अपनी लोक संस्कृति, विरासत और परम्पराओं को जीवंत बनाए रखने पर हमें गर्व है- सीएम धामी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य से बाहर रहते हुए भी हमारे लोगों द्वारा उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति, विरासत और परंपराओें को जीवंत बनाए रखना अत्यंत गर्व का विषय है। पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था से जुड़े प्रवासी उत्तराखण्डवासी वास्तव में राज्य के ब्रांड एम्बेसडर हैं। उन्होंने कहा कि महाकौथिग केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की आत्मा को सजीव रूप में प्रस्तुत करने वाला मंच है, जो हमारी संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन उत्तराखण्ड की लोक कला, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प, जैविक उत्पादों और पहाड़ी उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बद्री गाय के शुद्ध घी, मिलेट्स, जैविक एवं पारंपरिक पहाड़ी उत्पादों को इस मंच के माध्यम से बेहतर बाजार और सम्मान प्राप्त हो रहा है। हमारे लोकगीत व लोकनृत्य उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक चेतना का सुंदर संगम प्रस्तुत करते हैं।
राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के क्षेत्र में उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, वहीं मत्स्य विकास में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार मिला है। नीति आयोग द्वारा जारी एस.डी.जी. इंडेक्स रिपोर्ट में सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा है। इसके साथ ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और सामाजिक एकता बनाए रखने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। धर्मांतरण, दंगा फैलाने वाली सोच और समाज को विभाजित करने वाली मानसिकताओं के लिए देवभूमि में कोई स्थान नहीं है। इसी उद्देश्य से सख्त कानून बनाए गए हैं और उन पर प्रभावी ढंग से अमल किया जा रहा है। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है।
सीएम धामी ने बताया कि राज्य में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, भारतमाला, पर्वतमाला, अमृत योजना, ऑल वेदर रोड, उड़ान योजना तथा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। “एक जनपद-दो उत्पाद” योजना और हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा रही है। स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, नई पर्यटन नीति, फिल्म नीति, होम-स्टे मॉडल और ‘वेड इन उत्तराखण्ड जैसी योजनाओं से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार देवभूमि उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड-मानसखंड मंदिर सौंदर्यीकरण, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकौथिग जैसे सांस्कृतिक आयोजन लोक कला और परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ देश-विदेश में रह रहे उत्तराखंड वासियों को एक सूत्र में पिरोने का कार्य करते हैं। इस आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था का आभार व्यक्त करते हुए प्रवासी उत्तराखंडियों से राज्य के विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर नोएडा लोकसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, पर्वतीय सांस्कृतिक संस्था की संस्थापक कल्पना चौहान, चेयरमैन आदित्य घिल्डियाल, अध्यक्ष हरीश असवाल, मुख्य संयोजक राजेन्द्र चौहान, कार्यकारी प्रधान नरेन्द्र सिंह बिष्ट, डॉ. कपिल त्यागी सहित बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखण्डवासी उपस्थित रहे।
