राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में ‘उत्तराखंड के गांधी’ स्व. इंद्रमणि बडोनी की 100वीं जयंती पर संगोष्ठी आयोजित
राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में ‘उत्तराखंड के गांधी’ स्व. इंद्रमणि बडोनी की 100वीं जयंती पर संगोष्ठी आयोजित
टिहरी- राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में प्राचार्य प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में राजनीति विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर निरंजना शर्मा ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन के मुख्य प्रणेता स्व. इंद्रमणि बडोनी जी की 100वीं जयंती पर संगोष्ठी का आयोजन किया, जिसमें प्रोफेसर निरंजना शर्मा ने इंद्रमणि बडोनी के व्यक्तित्व व उनके जन संघर्ष के विषय में विस्तारपूर्वक बताया।
अपने व्याख्यान में उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य की प्राप्ति उत्तराखंड वासियों को अचानक नहीं हुई, अपितु दशकों के संघर्ष , बलिदान और जन आंदोलन का यह परिणाम है। जिसमें इंद्रमणि बडोनी की अहम भूमिका रही है।उत्तराखंड आंदोलन के प्रणेता के रूप में उन्हें भीष्म पितामह की संज्ञा दी गई और उत्तराखंड का गांधी भी कहा जाता है। इंद्रमणि बडोनी ने जन-जन को अवगत कराया कि पहाड़ के लोगों की समस्याओं का समाधान तभी होगा जब उनका अपना अलग राज्य होगा। उन्होंने गांव गांव जाकर लोगों को जागरूक किया और रोजगार के अभाव, पलायन की समस्या, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और प्रशासन में पहाड़ी प्रतिनिधित्व की कमी के विषय में जागरूक किया।
इस अवसर पर प्राचार्य प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह ने छात्र-छात्राओं को स्व. इंद्रमणि बडोनी के जन्मदिन पर श्रद्धांजलि व शुभकामनाएं दी और इंद्रमणि बडोनी द्वारा गांधी जी के सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह के सिद्धांतों का समर्थन करते हुए छात्रों को अपने राज्य के प्रति जागरूक और समर्पित बनने का संदेश दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षक गण व कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
