माघ मेला उत्तरकाशी की आस्था, विरासत और परंपराओं का जीवंत संगम-रमेश चौहान
उत्तरकाशी: पौराणिक माघ मेले ‘बाड़ाहाट कू थौलू’ की धूम, सातवें दिन भी उमड़ा जनसैलाब
माघ मेला उत्तरकाशी की आस्था, विरासत और परंपराओं का जीवंत संगम-रमेश चौहान
उत्तरकाशी- मकर संक्रांति के पावन पर्व पर उत्तरकाशी में सुप्रसिद्ध पौराणिक माघ मेला (बाड़ाहाट कू थौलू) का विधिवत शुभारंभ 14 जनवरी से शुरू हुआ.बाड़ाहाट पट्टी के कंडार देवता एवं बाड़ागड्डी क्षेत्र के हरि महाराज की डोली के सानिध्य में जनपद के रामलीला मैदान में शुरू हो चूका हैं. जिसमे आज माघ मेला का सातंवा दिन हैं.यह मेला मुख्यतः दस दिन तक चलता हैं. माघ मेले में भाग लेने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण लोक देवताओं की डोलियां उत्तरकाशी पहुँचीं। भागीरथी नदी में पर्व स्नान के उपरांत कंडार देवता, हरि महाराज सहित अनेक देवडोलियों के साथ ग्रामीणों ने बाड़ाहाट स्थित चमाला की चौंरी में डोली नृत्य, रासो एवं तांदी नृत्य प्रस्तुत कर मेले की परंपरागत छटा देखने को मिलती हैं।
इस अवसर पर आज सातवें दिन जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान ने जनपदवासियों को मकर संक्रांति एवं माघ मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माघ मेला उत्तरकाशी की लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत, तिब्बत व्यापार और धार्मिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक है, जिसे संरक्षित रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
रामलीला मैदान में आयोजित उद्घाटन समारोह में घंडियाल देवता, खंडद्वारी देवी, राज-राजेश्वरी देवी, त्रिपुर सुंदरी, नाग देवता एवं दक्षिण काली सहित अनेक देव डोलियों की उपस्थिति रही। मेले में अलग अलग सांस्कृतिक टीमों ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया।
