उत्तराखंड

रबर की फिंगर प्रिंट से आधार कार्ड बनाने में बड़ी कार्रवाई

रबर की फिंगर प्रिंट से आधार कार्ड बनाने में बड़ी कार्रवाई

तहसीलदार ने छापेमारी में बरामद किया कृत्रिम फिंगर

(दीपक भारद्वाज)
सितारगंज। कृषि मंडी परिसर स्थित बाल विकास कार्यालय में संचालित आधार सेंटर पर कृत्रिम फिंगरप्रिंट की मोहर के जरिए लोगों के आधार कार्ड बनाने का मामला सामने आया है। तहसीलदार ने कृत्रिम फिंगरप्रिंट की मोहर बरामद कर ली है। इस खुलासे के बाद अन्य आधार कार्ड सेंटर भी जांच के दायरे में आ गए हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ आधार कार्ड सेंटर में इस तरह की गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
गांव बरुआबाग, झाड़ी के निवासी गुरप्रीत सिंह ने तहसील प्रशासन को शिकायत दी कि उक्त आधार सेंटर में ओवर रेट और फिंगरप्रिंट की फर्जी मोहर से लोगों के आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। शिकायत के बाद तहसीलदार हिमांशु जोशी ने राजस्व टीम के साथ मंगलवार को आधार सेंटर में छापेमारी की। छापेमारी में पाया गया कि गांव बिडौरा, मझोला के निवासी विक्रम सिंह सेंटर का मूल संचालक है। वहीं, उसके शह पर मो. फैजान सेंटर का संचालन कर रहा था। आरोप है कि उसने फिंगरप्रिंट की फर्जी मोहर बनाकर लोगों के आधार कार्ड में संशोधन कर दुरुप्रयोग किया हैं।
छापेमारी टीम ने मौके से दो लैपटॉप और फिंगरप्रिंट की फर्जी मोहर जब्त की
और अपग्रेडेशन किया और निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली। इसके अलावा, सेंटर पर शुल्क की कोई सूची भी प्रदर्शित नहीं की गई थी। छापेमारी टीम ने मौके से दो लैपटॉप और फिंगरप्रिंट की फर्जी मोहर जब्त की। तहसीलदार हिमांशु जोशी ने बताया कि ओवर रेट के मामले में अग्रिम कार्रवाई के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को पत्राचार किया गया है। फिंगरप्रिंट की फर्जी मोहर के माध्यम से जालसाजी करने के आरोप में पुलिस को तहरीर सौंपी गई है, और आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। हिमांशु जोशी ने कहा कि सेंटर को अग्रिम आदेश तक सील कर दिया गया है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

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