सिस्टम की लाचारी: गंदगी के ढेर पर डुंडा का ‘स्वास्थ्य’, बदहाली के बीच इलाज करने को मजबूर कर्मी
सिस्टम की लाचारी: गंदगी के ढेर पर डुंडा का स्वास्थ्य, बदहाली के बीच इलाज करने को मजबूर कर्मी
जब स्वास्थ्य केंद्र स्वयं ही गंदगी का मुख्य प्रतीक बना हुआ है। मरीजों, तीमारदारों व स्वास्थ्य कर्मियों के स्वास्थ्य का क्या हाल हो रहा होगा। ये एक गंभीर विषय बना हुआ है। वैसे भी पहाड़ी क्षेत्रों में पूरी स्वास्थ सुविधा का अकाल पड़ा रहता हैं। कई मरीजों को स्वास्थ कि मंदी चलते रेफर किया जाता हैं, जिसमें कई ग्रामीण इसे रेफर सेंटर का नाम भी दे रखा हैं। जिला मुख्यालय के जिला अस्पताल से कई मरीजों को रेफर किया जाता हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति क्या होगी? .
बात करें ब्लाक /तहसील मुख्यालय डुंडा में गंगोत्री हाईवे के समीप इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर धनारी, बरसाली, भंडारस्यूं सहित करीब 103 के आसपास गांवों की आबादी निर्भर है। इस स्वास्थ केंद्र में प्रतिदिन मरीजों का आना जाना रहता है। जब स्वास्थ्य केंद्र स्वयं में स्वच्छ नहीं हैं तो मरीजों का क्या होता होगा।
प्रभारी चिकित्साधिकारी अभिषेक शर्मा ने कहा कि अस्पताल में तैनात सफाई कर्मी गत आठ माह से ड्यूटी पर नहीं है। कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर सफाई कर्मी की अनुपस्थिति का जिक्र किया गया हैं, लेकिन अभी तक कोई सुध नहीं ली है।
