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नैनबाग के सिलेसू जंगल में सैकड़ों पेड़ फेंके जाने का मामला, वन विभाग पर उठे गंभीर सवाल

 

 

नैनबाग के सिलेसू जंगल में सैकड़ों पेड़ फेंके जाने का मामला, वन विभाग पर उठे गंभीर सवाल

 

नैनबाग (शिवांश कुंवर): वन विभाग रेंज कैंपटी की घोर लापरवाही के चलते के सिलेसू जंगल में सैकड़ों पौधे/पेड़ लावारिस की तरह फैंके जाने का मामला सामने आया है। जिसमें बड़ी संख्या में पौधे मिट्टी में दबे हुए।काले प्लास्टिक बैग में ही सड़ रहे है।

 

वन प्रभाग मंसूरी रेंज कैम्पटी के तहत वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न की बात करें तो वृक्षारोपण के लिए करोड़ों की राशि वृक्षारोपण के लिए सरकार द्वारा दी जाती है। वही वन की कमी के चलते वृक्षारोपण के बजाय जंगलों में लावारिस की तरह फेंक कर पौधारोपण के नाम पर घोर लापरवाही की जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, ये पौधे किसी पौधारोपण अभियान के तहत लाए गए थे, लेकिन समय पर रोपण के बजाय इन्हें जंगल में ही फेंक दिया गया।

 

गौरतलब है कि यदि कोई आम व्यक्ति एक पेड़ भी काटता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। लेकिन इस मामले में सैकड़ों पौधों इस तरह बर्बाद होने पर यह सवाल उठ रहा है कि इसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी और नुकसान की भरपाई कौन करेगा।

यदि एक जगह इतना मात्रा में पौधों का दुरूपयोग हो रहा तो अन्य क्षेत्रों में कितने पौधों का दुरुपयोग किया होगा ।

 

वही जब जंगलों में आग लगती तो वन विभाग द्वारा हजारों-लाखों पेड़ों को जलकर नष्ट होने की बात कही जाती है।ऐसे में अब यह सवाल भी उठ रहा है कि जबकि जमीनी स्तर पर पौधों की यह स्थिति है।

 

इस मामले को लेकर मसूरी डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि पौधे रोपण का सीजन नहीं है लेकिन मामला गंभीर होने पर जांच के निर्देश दिए गए है। दोषी पाये जाने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी,।

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