क्षेत्र पंचायत सदस्य संगठन ने सीएम धामी से की मुलाकात, मानदेय और क्षेत्र पंचायत निधि बहाल करने की मांग
क्षेत्र पंचायत सदस्य संगठन ने सीएम धामी से की मुलाकात, मानदेय और क्षेत्र पंचायत निधि बहाल करने की मांग
देहरादून- क्षेत्र पंचायत सदस्य संगठन उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष विपिन सिंह पंवार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस दौरान संगठन ने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में क्षेत्र पंचायत सदस्यों की अनदेखी और उनके सामने आ रही वित्तीय समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। भाजपा प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने प्रतिनिधिमंडल का मार्गदर्शन कर मुख्यमंत्री से सदस्यों के हितों में निर्णय लेने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री से वार्ता के दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विपिन सिंह पंवार ने कहा कि क्षेत्र पंचायत सदस्य का पद अब केवल नाम मात्र का रह गया है। न तो सदस्यों के पास अपनी कोई वित्तीय शक्ति है और न ही अधिनियम की धारा 192 के तहत उनका कोई मानदेय निर्धारित है। क्षेत्र पंचायतों की यह अनदेखी त्रिस्तरीय पंचायती व्यवस्था को कमजोर करने का काम कर रही है।
संगठन के महामंत्री कृपाल सिंह राणा ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों की पीड़ा साझा करते हुए कहा कि एक सदस्य के अंतर्गत 2 से 6 ग्राम पंचायतें आती हैं। जनता की उम्मीदें उनसे अधिक होती हैं, लेकिन विकास निधि के अभाव में वे जनहित के कार्य करने में असमर्थ महसूस करते हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य का मानदेय विहित ना होने के कारण क्षेत्र पंचायत का सदस्य आर्थिक रूप से भी कमजोर हो जाता है। वर्तमान समय में प्रतीत होता है कि क्षेत्र पंचायत का पद केवल ब्लॉक प्रमुख के निर्वाचन तक सीमित है।
साथ ही क्षेत्र पंचायत निधि पूर्व की भांति क्षेत्र पंचायतों को दी जाने वाली क्षेत्र पंचायत निधि प्रदान करने का आग्रह किया। हरियाणा और हिमाचल राज्यों में क्षेत्र पंचायत सदस्यों को मिलने वाले मानदेय के सम्बन्ध में विभिन्न राज्यों के शासनादेश मुख्यमंत्री को सौंपे। अन्य राज्यों के तर्ज पर उत्तराखंड के क्षेत्र पंचायत सदस्यों को भी मानदेय प्रदान करने का आग्रह किया।
वहीं मुख्यमंत्री धामी ने संगठन की मांगों पर उचित आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द ही शासन स्तर पर कार्यवाही शुरू की जाएगी, जिससे कि पंचायतों को और सशक्त बनाया जा सके।
इस मौके पर क्षे.प. सदस्य कृष्णा राणा व अरूण भट्ट उपस्थित रहे।
