उत्तराखंडटिहरी गढ़वाल

राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न, तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न, तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

 

 

 

 

 

खाड़ी/टिहरी- राजकीय महाविद्यालय खाड़ी के प्राचार्य प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में शिक्षा शास्त्र  की डॉक्टर संगीता बिज्लवाण जोशी द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हाइब्रिड मोड में आयोजित किया गया। इस संगोष्ठी की संयोजिका डॉ संगीता और सचिव डॉ मीना रही। संगोष्ठी का विषय “शिक्षा की भूमिका: विद्यार्थियों और समुदायों में तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य संवर्धन” रहा। इस अवसर पर सहायक आयुक्त जीएसटी विभाग देहरादून जयदीप रावत और जी प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूटिव सुशील कुमार ने मुख्य अतिथीय के रूप में शिरकत की। साथ ही दो दिवसीय संगोष्ठी कार्यक्रम के आयोजक भी रहे। उन्होंने भी इस अवसर पर अपने विचार रखें।

 

 

 

 

 

जयदीप रावत ने बताया कि किस प्रकार आज की भागदौड़ की जिंदगी में तनाव होना स्वाभाविक सी बात है किंतु यह हमारे हाथ में है कि हम इसका प्रबंधन कैसे करें जैसे किताबों को अपना दोस्त बना ले, अच्छा संगीत सुनें, 8 घंटे की नींद जरूर पूरी ले और खेलकूद में भाग ले, व्यायाम और सैर करें और अपने शौक जिंदा रखें। हर वह सकारात्मक कार्य करें जो आपको खुशी और उत्साह देता हो। जिससे कार्य स्थल के काम का दबाव हो चाहे पारिवारिक समस्याएं हो उसके निदान में आप स्वस्थ मन और स्वस्थ मानसिकता के साथ तनाव दूर कर सके।

 

 

 

सुशील कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि तनाव किस चीज को कहते हैं मैं जानता ही नहीं हूं क्योंकि मैं कभी तनाव लेता नहीं हूं क्योंकि तनाव जो है एक बाहरी प्रक्रिया है यह आपके ऊपर है कि आप उसे अपने भीतर प्रवेश करने दे या ना दें। तो एक स्वस्थ मानसिकता वाला इंसान कभी भी तनाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने देता है और अपने कार्य में अगर आप अनुशासन को जगह देते हैं और अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हैं तो आपको तनाव वैसे भी नहीं हो सकता है। इसलिए अपने कार्यशैली में सुधार करके अपनी जिम्मेदारी को समझ कर के उसका तनाव न लेकर उसे अपनी योग्यता और अपने स्किल डेवलप करके निभाने की कोशिश करें।
दूसरे दिवस के मुख्य वक्ता के रूप में स्वास्थ्य विभाग नई टिहरी की साइकोलॉजिस्ट डाॅ रीना सिंह ने मानसिक तनाव और स्वास्थ्य पर विस्तृत व्याख्यान दिया, जिसमें तनाव के विभिन्न पहलुओं पर चाहे वह बाल्य देखभाल से किशोरावास्था के बालकों में जो तनाव पाया जाता है चाहे वह कारण पारिवारिक हो ,शैक्षणिक हो या स्वास्थ्य संबंधी इन सभी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य को आवश्यक बताया।

 

 

 

समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डाॅ तनु मित्तल ने छात्रों के व्यक्तित्व के विकास में और उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाने में शिक्षकों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया गया। आत्म दर्पण के सिद्धांत पर चर्चा की। डीआईपीएस ऋषिकेश की प्रधानचार्य डॉ तनूजा पोखरियाल ने स्ट्रेस मैनेजमेंट पर व्याख्यान देते हुए बताया कि जब से मनुष्य जाति धरती पर विकास की प्रक्रिया से  गुजरते हुए आज वर्तमान आधुनिक युग में है । उसमें तनाव अधिक हो रहा है। जिसका कारण एकांकी परिवार परिवार में विघटन टूटन, एकांकी पन, सोशल मीडिया की भूमिका, प्रतिस्पर्धा की भावना , हीन भावना का होना प्रमुख कारण है।

 

 

प्रोफेसर नंदकिशोर विश्वविद्यालय महेंद्र गढ़ हरियाणा ने भी ऑनलाइन माध्यम से अपना व्याख्यान दिया, जिसमें पारिवारिक माहौल को तनाव प्रबंधन को ही परिवार का आधार माना है।भूपेंद्र सिंह सैनी ने तनाव के कारण युवाओं में बढ़ती हुई आत्महत्या के विषय पर गंभीर चर्चा की गई। राजकीय इंटर कॉलेज जाजल के प्राचार्य त्रिवेदी ने दो दिवसीय तनाव प्रबंधन की संगोष्ठी कार्यक्रम की जमकर सराहना की। अंत में कार्यक्रम संयोजिका डॉक्टर संगीता बिजल्वाण जोशी ने सभी आगंतुक, शोधार्थी, विद्यार्थियों गुरुजनों प्राध्यापकों का आभार धन्यवाद ज्ञापित किया गया। उन्होंने संगोष्ठी के निष्कर्ष और सुझावों और पर चर्चा कर पाठ्यक्रम के नीति निर्माण समग्र विकास का समुदाय आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की बात कही. उन्होंने कहा मानसिक स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक सामुदायिक जिम्मेदारी के रूप में लेने से सकारात्मक सोच विकसित होगी और भविष्य में इस प्रकार के और अधिक शोध प्रशिक्षण कार्यक्रम और जागरूकता अभियानों के माध्यम से तनाव की समस्याओं पर उच्च शिक्षा में काउंसलिंग और जीवन  कौशल कार्यक्रमों को शामिल किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

 

 

कार्यक्रम के अंत में डॉ. संगीता ने प्राचार्य प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन के लिए उनका विशेष आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न समितियों के प्रभारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनमें डॉ. मीना (कार्यक्रम सचिव), प्रोफेसर निरंजना शर्मा (स्वागत समिति संयोजक), डॉ. सीमा पांडे (मंच संचालन), डॉ. ईरा सिंह (मीडिया प्रभारी), डॉ. सनोवर एवं दीपक (मंच सज्जा) और पंकज (जलपान व्यवस्था) शामिल रहे।तकनीकी सत्र के सफल संचालन के लिए डॉ. मीनाक्षी और डॉ. देशराज, प्रमाण पत्र समिति की संयोजक ममता चौहान, लेटर ड्राफ्टिंग के लिए मनीषा और तकनीकी सहयोग हेतु आशीष का आभार प्रकट किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथियों द्वारा सभी समिति सदस्यों, राजकीय इंटर कॉलेज जाजल की एनसीसी यूनिट और महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को उनके विशेष योगदान के लिए स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।

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