दयारा बुग्याल में लापता बेटी की तलाश तेज, अफवाहों पर भड़कीं पूर्व ब्लॉक प्रमुख, बोलीं हमारी रक्षा करते हैं देवी-देवता
दयारा बुग्याल में लापता बेटी की तलाश तेज, अफवाहों पर भड़कीं पूर्व ब्लॉक प्रमुख, बोलीं हमारी रक्षा करते हैं देवी-देवता
उत्तरकाशी
उत्तरकाशी जनपद के दयारा बुग्याल घूमने आई बबीता पांडे पिछले दस दिनों से लापता है। बबीता की खोज के लिए उत्तरकाशी प्रशासन सहित सभी बल जुटे हुए है। खोजबीन में अभी तक बबीता का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। अधिक समय से लापता होने पर अलग अलग बातें सामने आ रही है, जिसमें एक नया तथ्य सामने आ रहा है। गढ़वाल के पहाड़ी क्षेत्रो को देवी देवताओं का वास माना जाता है।
साथ ही देवी देवताओं के साथ कुछ ऐसे छाया(जिसे गढ़वाल मे आछरी कहते है ) रहती है जिसे अच्छी छाया और खराब छाया माना जाता है। अब इसी प्रकारण में लोगों द्वारा कहा जा रहा है कि बबिता को ऐसे प्रकारण से तो दो चार नहीं होना पड़ा होगा। ये चर्चा अब जनपद मे ज्यादा देखने को मिल रही है।
वहीं इस प्रकारण मे भटवाड़ी के पूर्व ब्लाक प्रमुख विनीता रावत का कहना है कि गोई क्षेत्र से बेटी बबिता के लापता होने की घटना अत्यंत दुःखद, संवेदनशील एवं चिंताजनक है। इस प्रकार की घटना ने पूरे क्षेत्र को भावुक और व्यथित किया.पहली बार हमारे क्षेत्र में इस तरह किसी बेटी का अचानक लापता हो जाना हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है। हमारी पहली प्राथमिकता उस बेटी की सुरक्षित वापसी और पीड़ित परिवार को न्याय और संतुष्टि दिलाना है।

विनीता रावत ने सभी से निवेदन किया कि इस संवेदनशील विषय को अंधविश्वास और भ्रम से न जोड़ें। कुछ लोगों द्वारा यह कहा जा रहा है कि “परियां ले गईं” या “परियों ने हरण कर लिया”, जबकि इस प्रकार की बातें पूरी तरह तथ्यहीन और रूढ़िवादी सोच को बढ़ावा देने वाली हैं। हमें ऐसी अफवाहों से बचना चाहिए।
हमारा दयारा बुग्याल देवभूमि की आस्था, संस्कृति और देवी-देवताओं की पवित्र भूमि है। यहाँ भगवान नाग देवता, सोमेश्वर देवता, माँ जगत्मा नारायण देवता, राजा देवता, सर्पनाथ देवता, और अन्य देवी-देवताओं की सदियों से पूजा-अर्चना होती आई है। हमारे देवी-देवता सदैव अपने क्षेत्र और लोगों की रक्षा करते हैं। आज तक इस प्रकार की कोई घटना इस क्षेत्र में नहीं हुई।
ऐसी अफवाहें न केवल समाज को भ्रमित करती हैं, बल्कि हमारे विश्व प्रसिद्ध दयारा बुग्याल और पूरे क्षेत्र की छवि को भी प्रभावित करती हैं। इसलिए हम सबकी जिम्मेदारी है कि सकारात्मक सोच के साथ आगे आएँ, प्रशासन का सहयोग करें और उस बेटी को खोजने के प्रयासों में एकजुट रहें। मुझे पूर्ण विश्वास है कि देवी-देवताओं के आशीर्वाद और प्रशासन के प्रयासों से वह बेटी सुरक्षित अवश्य मिलेगी और पीड़ित माँ को संतोष मिलेगा।
