देवभूमि उत्तराखण्ड की लोकआस्था और देव संस्कृति अद्वितीय- विजयपाल सजवाण
उत्तरकाशी
गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने सीमांत टकनौर क्षेत्र के ग्राम द्वारी में आयोजित क्षेत्र के आराध्य भगवान समेश्वर महाराज के पावन आषाढ़ मेले में प्रतिभाग किया। यहाँ पहुंचकर उन्होंने अपने आराध्य देव कंडार देवता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने भगवान समेश्वर महाराज की सदियों पुरानी दिव्य परंपरा के दर्शन किए और इसे देवभूमि उत्तराखण्ड की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक बताया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने कहा कि उत्तराखण्ड की लोकआस्था, देव संस्कृति और प्राचीन परंपराएं पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती हैं। सीमांत टकनौर क्षेत्र में आयोजित भगवान समेश्वर महाराज का आषाढ़ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और लोकविश्वास का विराट उत्सव है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सदियों से चली आ रही इस दिव्य परंपरा में भगवान समेश्वर महाराज अपने पसवा पर अवतरित होकर तेज धारदार डांगरे पर नंगे पांव विचरण करते हैं, श्रद्धालुओं के निमंत्रण स्वीकार करते हैं तथा उन्हें आशीर्वाद देने के साथ उनकी समस्याओं का समाधान एवं मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। यह अद्भुत दृश्य श्रद्धा, विश्वास और देव संस्कृति के उस अलौकिक स्वरूप का साक्षात् दर्शन कराता है, जो केवल देवभूमि उत्तराखण्ड की पहचान है।
पूर्व विधायक ने कहा कि आधुनिक समय में भी टकनौर क्षेत्र के लोग अपनी समृद्ध लोक परंपराओं और देव संस्कृति को जिस श्रद्धा, अनुशासन और समर्पण के साथ संरक्षित किए हुए हैं, वह अत्यंत प्रेरणादायी है। हमारी यह सांस्कृतिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य विरासत है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी हम सभी की है।
इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता खुशहाल नेगी, जयवीर चौहान , ब्लॉक प्रमुख ममता पंवार,राजदीप परमार, पूर्व प्रमुख धर्म सिंह नेगी, प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष रमेश नेगी,राजकेंद्र थनवान, ग्राम प्रधान सजन सिंह, ग्राम पुरोहित जनार्दन नौटियाल, कथा व्यास प्रभात नौटियाल, प्रमोद कैंतुरा, मुकेश रावत सहित सैकड़ों क्षेत्रवासी मौजूद रहे।


