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डुंडा में हरेला पर्व पर रोपे गए देवदार और बांज के पौधे, ग्रामीणों और वन विभाग ने लिया ‘हरित उत्तराखंड’ का संकल्प 

डुंडा में हरेला पर्व पर रोपे गए देवदार और बांज के पौधे, ग्रामीणों और वन विभाग ने लिया ‘हरित उत्तराखंड’ का संकल्प 


‘हर गाँव का यही पैगाम – एक पेड़ माँ के नाम’ थीम के तहत 3.5 हेक्टेयर क्षेत्र में हुआ वृहद वनीकरण 

उत्तरकाशी

​देवभूमि उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के पावन अवसर पर डुंडा क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की एक नई अलख जगाई गई। वर्ष 2026 के हरेला पर्व की मुख्य थीम “हर गाँव का यही पैगाम – एक पेड़ माँ के नाम” के तहत डुंडा कक्ष संख्या-4ए स्थित 3.5 हेक्टेयर हरेला वनीकरण क्षेत्र में वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

​यह कार्यक्रम पूर्व वन पंचायत सरपंच (बल्ला/ओल्या) की गरिमामयी अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें डुंडा गांव के ग्रामीणों और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने कंधे से कंधा मिलाकर प्रतिभाग किया।

​वनीकरण अभियान के दौरान क्षेत्र की पारिस्थितिकी और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। इसमें जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने वाले बांज, देवदार और अंगा के साथ-साथ औषधीय व फलदार प्रजाति के आंवला, अमरूद, कचनार एवं दाड़िम (अनार) के पौधे लगाए गए।

​इस अवसर पर उपस्थित वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने रोपे गए पौधों की सुरक्षा का जिम्मा उठाने के साथ ही, पर्यावरण संरक्षण, हरित उत्तराखंड और प्रकृति संवर्धन की सामूहिक शपथ ली। ग्रामीणों ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान न केवल धरती को हरा-भरा बनाएगा, बल्कि भावी पीढ़ी को एक स्वच्छ वातावरण भी सौंपेगा।

​इस मौके पर वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, ग्राम प्रधान सहित भारी संख्या में मातृशक्ति और ग्रामीण मौजूद रहे।

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