चंपावत जिला अस्पताल में स्वास्थ्य शिविर के दूसरे दिन उमड़ी भीड़, 615 मरीजों को मिला मुफ्त इलाज
चंपावत जिला अस्पताल में स्वास्थ्य शिविर के दूसरे दिन उमड़ी भीड़, 615 मरीजों को मिला मुफ्त इलाज
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने की जांच, कैंसर स्क्रीनिंग और जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण से मिली बड़ी राहत
चंपावत
स्वास्थ्य सेवा सप्ताह के तहत जिला चिकित्सालय चंपावत में आयोजित तीन दिवसीय विशेष चिकित्सा शिविर के दूसरे दिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचे। शिविर में 615 मरीजों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से निःशुल्क परामर्श, स्वास्थ्य जांच और उपचार का लाभ उठाया। ग्रामीण और सीमांत क्षेत्रों से आए लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मिलने से काफी राहत मिली।
शिविर का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक विशेषज्ञ चिकित्सकीय सुविधाएं पहुंचाना और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों के एक्स-रे, रक्त जांच, टीबी स्क्रीनिंग, मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप की जांच की। साथ ही गर्भवती महिलाओं की एएनसी (ANC) जांच भी की गई।
शिविर में ओरल, सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग भी की गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की शुरुआती अवस्था में पहचान होने से समय पर उपचार संभव हो पाता है। इसी उद्देश्य से शिविर में विशेष स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी सेवाएं
शिविर में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक मजूमदार, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. धनंजय पाठक, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजूनाथ, फिजिशियन डॉ. अजय कुमार, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शौर्य, सर्जन डॉ. हिमांशु पाण्डेय और दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. बबीता वर्मा ने मरीजों की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया।
शिविर के सफल संचालन में एनटीसीपी काउंसलर हरीश पाण्डेय, आरकेएसके काउंसलर सावित्री राय, एनसीडी से डॉ. प्रेरणा चंद, स्टाफ नर्स सोनिका कोहली, चंदन पैथोलॉजी से रमेश जोशी और शिवानी सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ग्रामीणों ने सराहा स्वास्थ्य विभाग का प्रयास
शिविर में पहुंचे लोगों ने कहा कि एक ही स्थान पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं और विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच उपलब्ध होने से उन्हें जिला मुख्यालय से बाहर या निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। स्थानीय लोगों ने इस पहल को ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग का सराहनीय प्रयास बताया।
