टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन बनाने पर जोर, डीएम ने कहा- हर संभावित मरीज की समय पर हो जांच और इलाज
टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन बनाने पर जोर, डीएम ने कहा- हर संभावित मरीज की समय पर हो जांच और इलाज
चंपावत
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत चल रहे 100 दिवसीय विशेष अभियान की समीक्षा बैठक सोमवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में टीबी की समय पर पहचान, जांच और उपचार के साथ जनसहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के तहत संभावित मरीजों की जल्द पहचान कर उनकी जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने माई भारत वॉलंटियर्स की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने, निक्षय पोषण किट के लिए अधिक से अधिक जनसहयोग जुटाने और एनसीसी-एनएसएस स्वयंसेवकों के माध्यम से स्कूल, कॉलेज और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि टीबी संक्रामक बीमारी है, लेकिन समय पर जांच और नियमित उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। अभियान के तहत जिले में 14 वर्ष से अधिक आयु की संवेदनशील आबादी की स्क्रीनिंग की जा रही है। टीबी संक्रमित मिलने पर तत्काल उपचार शुरू किया जा रहा है। साथ ही मरीजों के परिवार और निकट संपर्क में आए लोगों की भी जांच की जा रही है।
डीएम ने लोगों से अपील की कि दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी, बुखार या वजन कम होने जैसे लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बलबीर सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. इंद्रजीत पाण्डेय, एनसीसी कमांडेंट नरेंद्र सिंह, कमांडेंट नुमन थापा, जिला चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एच एस ह्यांकी, डॉ0 विराज राठी, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सोनाली मंडल, डॉ. भावना खेतवाल तथा डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर प्रियंका पंत सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
