उत्तराखंड क्रांति दल ने नैनीताल हाई कोर्ट की प्रस्तावित शिफ्टिंग का किया विरोध, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
उत्तराखंड क्रांति दल ने नैनीताल हाई कोर्ट की प्रस्तावित शिफ्टिंग का किया विरोध, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
देहरादून
उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती एवं पूर्व विधायक डॉ. नारायण सिंह जंतवाल के नेतृत्व में आज उत्तराखंड हाई कोर्ट की नैनीताल से प्रस्तावित शिफ्टिंग के विरोध में राज्यपाल उत्तराखंड को उनके प्रधान सचिव रविनाथ रमन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में उत्तराखंड क्रांति दल ने कहा कि हाई कोर्ट जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थानों का पर्वतीय क्षेत्रों में बने रहना राज्य की मूल भावना, संवैधानिक व्यवस्था और क्षेत्रीय संतुलन के लिए आवश्यक है। दल का स्पष्ट मत है कि उत्तराखंड का गठन पर्वतीय क्षेत्रों के समग्र विकास एवं प्रशासनिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से किया गया था, इसलिए राज्य के प्रमुख संवैधानिक संस्थानों का पर्वतीय क्षेत्र से हटाया जाना राज्य निर्माण की मूल भावना के विपरीत होगा।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के अंतर्गत उत्तराखंड उच्च न्यायालय की स्थापना नैनीताल में की गई थी। ऐसे में उसकी मुख्य पीठ का स्थानांतरण न केवल अधिनियम की मूल भावना बल्कि उत्तराखंड राज्य की संवैधानिक परिकल्पना के भी विपरीत प्रतीत होता है। दल ने राज्यपाल से इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए हाई कोर्ट की मुख्य पीठ को नैनीताल में ही यथावत बनाए रखने हेतु आवश्यक हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकारी अध्यक्ष पंकज व्यास तथा डॉ. सुरेश सिंह नेगी भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।
