उत्तराखंडदेहरादून

“मिशन चाइल्ड टू चैंपियन” – सिद्धूवाला की आंगनवाड़ी से शुभारंभ

“मिशन चाइल्ड टू चैंपियन” – सिद्धूवाला की आंगनवाड़ी से शुभारंभ

25 आंगनवाड़ी केंद्रों से आए बच्चों को खेल सामग्री और माताओं को T-shirts वितरित 

देहरादून (शिवांश कुंवर) उत्तराखंड में बच्चों के समग्र विकास, खेल प्रतिभा की पहचान, स्वास्थ्य एवं पोषण तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में योटी फाउण्डेशन द्वारा “Mission Child to Champion” का शुभारंभ सिद्धूवाला की आंगनवाड़ी से किया गया।

कार्यक्रम में पद्मश्री स्वर्गीय जसपाल राणा के पिता नारायण सिंह राणा जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। WCD उत्तराखंड के निदेशक बी.एल. राणा जी ने भी कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई और इस महत्वपूर्ण पहल को अपना मार्गदर्शन एवं समर्थन प्रदान किया।

कार्यक्रम में 25 आंगनवाड़ी केंद्रों से आए बच्चों ने भाग लिया। नारायण सिंह राणा जी ने इन बच्चों को खेल सामग्री एवं गेंदें वितरित कर मिशन का शुभारंभ किया, जबकि बच्चों की माताओं को T-shirts वितरित की गईं। यह पहल बच्चों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी स्वस्थ जीवनशैली, खेल और शारीरिक सक्रियता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

खेल के माध्यम से बच्चों में विकसित होंगे भविष्य के चैंपियन

Mission Child to Champion का उद्देश्य 3 से 6 वर्ष की आयु के बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही खेल एवं शारीरिक गतिविधियों से जोड़ना है। इसके माध्यम से बच्चों में motor skills, coordination, balance, agility, teamwork, confidence और discipline जैसे बुनियादी कौशल विकसित किए जाएंगे।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल बच्चों को खेल सिखाना नहीं, बल्कि उनकी प्रारंभिक प्रतिभा को पहचानकर भविष्य में उन्हें उपयुक्त खेल में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना है।

स्वर्गीय पद्मश्री जसपाल राणा स्वयं भारत के महान खिलाड़ियों में रहे हैं। उनकी उपलब्धियों और विरासत से प्रेरणा लेते हुए इस मिशन का लक्ष्य देश में हजारों नए चैंपियन तैयार करना है और उसके लिए 100 जिलों में जसपाल राणा expedition 100 दिन तक चलेगी !

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की होगी Capacity Building

Mission Child to Champion में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की Capacity Building को विशेष महत्व दिया गया है। उन्हें यह प्रशिक्षण दिया जाएगा कि कैसे खेल और शारीरिक गतिविधियों को बच्चों के प्रारंभिक विकास के प्रभावी माध्यम के रूप में कैसे इस्तेमाल किया जाए और पोषण अभियान को सफल बनाया जाये !

इसके लिए प्रशिक्षित Child Sports Coach की टीम द्वारा नियमित प्रशिक्षण एवं गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

सुभाष राणा के नेतृत्व में उत्तराखंड में होगा मिशन का विस्तार

उत्तराखंड में Mission Child to Champion के जमीनी क्रियान्वयन और विस्तार के लिए श्री सुभाष राणा जी के नेतृत्व में प्रशिक्षकों की टीम कार्य करेगी।

रिजवाना, पूनम और मनीष जैसे प्रशिक्षित trainers इस मिशन को विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंचाने तथा बच्चों को नियमित प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इन प्रशिक्षकों के माध्यम से आंगनवाड़ी स्तर पर बच्चों की खेल गतिविधियों को निरंतरता दी जाएगी और प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार किया जाएगा।

सिद्धूवाला से हजारों “खेलशालाओं” की परिकल्पना

सिद्धूवाला से शुरू हुई यह पहल भविष्य में उत्तराखंड की लगभग 20,000 आंगनवाड़ियों तक पहुंचाने की परिकल्पना के साथ आगे बढ़ाई जा रही है।

इसके अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों में “खेलशाला” विकसित करने का लक्ष्य है, जहां बच्चे प्रारंभिक आयु से ही नियमित खेल, शारीरिक गतिविधियों और कौशल विकास से जुड़ सकें।

Subharti Hospital बना Health Partner

मिशन में Subharti Hospital को Health Partner के रूप में जोड़ा गया है। कार्यक्रम के दौरान अस्पताल की Doctors, Physiotherapy और Psychology teams द्वारा बच्चों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई।

भविष्य में बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण पर भी निरंतर कार्य किया जाएगा, ताकि खेल के साथ-साथ वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ एवं मजबूत बन सकें।

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय से जमीनी स्तर तक

Mission Child to Champion की अवधारणा को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने में योटी फॉउन्डेशन के चेयरमैन एडमिरल एस.एन. घोरमाडे (सेवानिवृत्त), 36वें Vice Chief of the Naval Staff, Indian Navy की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गुजरात में इस पहल पर चर्चा और विचार-विमर्श के बाद अब इसे जमीनी स्तर पर उत्तराखंड में लागू किया जा रहा है।

इस मिशन की शुरुआत और परिकल्पना में फाउंडेशन के CEO प्रताप सिंह चौहान ने बताया की “हर आंगनवाड़ी बनेगी खेलशाला, हर बच्चे को मिलेगा चैंपियन बनने का अवसर”

सिद्धूवाला से शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में उत्तराखंड के हजारों आंगनवाड़ी केंद्रों और लाखों बच्चों तक पहुँचने का लक्ष्य रखती है।

Mission Child to Champion का मूल संदेश है:

आज के स्वस्थ बच्चे, कल के चैंपियन।

यह अभियान स्वर्गीय पद्मश्री जसपाल राणा की प्रेरणादायी विरासत को समर्पित है और इसका उद्देश्य उत्तराखंड की धरती से ऐसी नई पीढ़ी तैयार करना है जो स्वस्थ, सक्षम, अनुशासित और भारत का नाम रोशन करने के लिए तैयार हो।

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