ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के सामुदायिक उद्यमों का परियोजना निदेशक ने किया स्थलीय निरीक्षण
ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के सामुदायिक उद्यमों का परियोजना निदेशक ने किया स्थलीय निरीक्षण
उद्यमों की गुणवत्ता, प्रबंधन एवं विपणन को बेहतर बनाने के दिए निर्देश
टिहरी
टिहरी गढ़वाल में ग्राम्य विकास विभाग के परियोजना निदेशक व आईएएस (प्रशिक्षु) ज्योति ने ग्राम्य विकास विभाग अंतर्गत संचालित ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के सहयोग से सहकारिताओं एवं स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित सामुदायिक स्तर के उद्यमों तथा निर्माणाधीन अधोसंरचना यथा संग्रहण केंद्र निरीक्षण किया गया।
ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत विकासखंड जाखणीधार में समुदाय आधारित संगठनों (CBO) के माध्यम से संचालित विभिन्न उद्यमों का परियोजना निदेशक द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान उद्यमों की प्रगति, संचालन एवं व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं सीएलएफ पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान देवभूमि सीएलएफ जाखणीधार की फूड कार्ट, उन्नति सीएलएफ रज़ाख़ेत की वे-साइड ईटरीज़ तथा देवभूमि सीएलएफ जाखणीधार की पोल्ट्री फार्म यूनिट का निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही संगम सीएलएफ के संचालित प्रोसेसिंग यूनिट एवं फूड कार्ट का भी निरीक्षण किया गया। वहीं गोट्री यूनिट हेतु चयनित भूमि का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
साथ ही कलेक्शन सेंटर के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्शन सेंटर के कार्य की डेडलाइन 25 सितंबर निर्धारित की गई है। वहीं उन्नति सीएलएफ के कलेक्शन सेंटर का कार्य शीघ्रातिशीघ्र प्रारंभ करवाने के निर्देश संबंधितों को दिए गए।
इसी क्रम में क्षेत्रपाल सीएलएफ मंदार के एग्री इनपुट सेंटर एवं मशरूम यूनिट का भी निरीक्षण किया गया। फूड कार्ट के संचालन को बरसात के दौरान सुचारू बनाए रखने के लिए टेंट की व्यवस्था करने तथा उत्पादों को बेहतर ढंग से प्रदर्शित करने हेतु डिस्प्ले बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए गए।
प्रोसेसिंग यूनिट के निरीक्षण के दौरान संबंधित सदस्यों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने उद्यमों में उत्पादों की गुणवत्ता, बेहतर प्रबंधन, प्रभावी संचालन एवं विपणन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि समुदाय आधारित उद्यमों को और अधिक सुदृढ़ एवं लाभकारी बनाया जा सके।
परियोजना निदेशक द्वारा परियोजना के कार्मिकों एवं सीएलएफ स्टाफ द्वारा विषम भौगोलिक परिस्थितियों में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की गई। उन्होंने क्षेत्र में आजीविका संवर्धन एवं समुदाय आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कार्यों को निरंतर बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
निरीक्षण के दौरान रोशन लाल, खंड विकास अधिकारी, ब्रह्मकांत भट्ट, जिला परियोजना प्रबंधक ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना, दिग्विजय, सहायक खंड विकास अधिकारी, बॉबी भट्ट, एम एंड ई, संजय शर्मा, बीएमएम, राजदीप चौहान, आजीविका समन्वयक, रविन्द्र पाल, सहायक प्रसार कृषि एवं पशुपालन विभाग के अधिकारी/कर्मचारी, संबंधित सीएलएफ स्टाफ एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।
