जिला अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं पर भड़की कांग्रेस, सीएमओ कार्यालय में तालाबंदी का किया प्रयास, दी आंदोलन की चेतावनी
उत्तरकाशी- जनपद उत्तरकाशी के जिला अस्पताल की लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और डॉक्टरों की भारी कमी को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय का घेराव कर तालाबंदी का प्रयास किया और धरना दिया।
Vol.अस्पताल की अव्यवस्थाओं को उजागर करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रदीप रावत ने कहा कि उत्तरकाशी का जिला अस्पताल अब केवल एक ‘रेफर सेंटर’ बनकर रह गया है।
प्रमुख मुद्दे व मांगें
1- रेडियोलॉजिस्ट व अल्ट्रासाउंड की समस्या: अस्पताल में लंबे समय से रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए 10-10 दिनों का इंतजार करना पड़ रहा है।
2- विशेषज्ञ डॉक्टरों का टोटा: जिले के एकमात्र सर्जन और बाल रोग विशेषज्ञ का स्थानांतरण कर दिया गया है, लेकिन उनके स्थान पर किसी नए डॉक्टर की नियुक्ति नहीं की गई। अस्पताल अब सर्जन और बाल रोग विशेषज्ञ से पूरी तरह विहीन हो गया है।
3- महिला अस्पताल की दयनीय स्थिति: हाल ही की रिपोर्ट का हवाला देते हुए जिलाध्यक्ष ने चिंता जताई कि पिछले 5 महीनों में इलाज के अभाव में 16 गर्भवती महिलाओं व शिशुओं की जान जा चुकी है।
4-स्थानीय नेतृत्व पर सवाल: उन्होंने कहा कि यह स्थानीय जनप्रतिनिधियों की विफलता है कि डॉक्टरों को यहां से रिलीव तो कर दिया जाता है, लेकिन उनकी जगह नए डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो पाती।
Vol.कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तुरंत नियुक्ति नहीं की गई और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
