श्रीकोट में आयोजित मेले में श्रद्धालुओं ने किए नागदेवता के दर्शन
श्रीकोट में आयोजित मेले में श्रद्धालुओं ने किए नागदेवता के दर्शन
नैनबाग (शिवांश कुंवर)
पौराणिक लोक संस्कृति और धार्मिक परंपराओं पर आधारित प्रसिद्ध नागदेवता मेला श्रीकोट में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ आयोजित हुआ। मेले में दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और नागदेवता की पालकी के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली इस धार्मिक परंपरा के तहत इस वर्ष भी इडवालस्युं के केंद्र बिंदु श्रीकोट में विशाल नागदेवता की थौलू आयोजित की गई। दोपहर बाद नागदेवता की डोली के मेला स्थल पर पहुंचते ही माहौल भक्तिमय हो गया। इस दौरान दर्जनों देवी-देवता के पश्वा अवतरित हुए। श्रद्धालुओं ने नागदेवता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
मेले में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंचीं। महिलाओं ने जौनपुरी लोक संस्कृति की पहचान तांदी और रासो की शानदार प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया। क्षेत्रवासियों ने नागदेवता की पालकी को नचाकर अपनी आस्था और श्रद्धा प्रकट की।
बारिश के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और लोग धीरे-धीरे मेले में पहुंचते रहे थे । मेले के समापन के बाद देव पालकी अपने 16 गांवों के भ्रमण महोत्सव के लिए रवाना हुई। रात्रि विश्राम के लिए पालकी श्रीकोट के पहले पड़ाव पर पहुंची।
इस अवसर पर नागदेवता के पुजारी सुमन लाल सेमवाल, ठाणी नरेंद्र बिष्ट, बलवीर सिंह बिष्ट, अनूप थपलियाल, सूपा सिंह पंवार, गिरीश उनियाल, जपवीर सिंह, सुरेश प्रसाद, गिरीश नौटियाल, बालकराम, मुन्ना चौहान, हरभजन सिंह पंवार, मुन्ना बिष्ट, गायिका कुसुम नेगी, राकेश जौनपुरी, रोशनी देवी और ललिता राणा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
