नैनबाग महाविद्यालय में मनाया गया राष्ट्रीय सेवा योजना का स्थापना दिवस
नैनबाग (शिवांश कुंवर)
राजकीय महाविद्यालय नैनबाग में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। यह दिवस प्रतिवर्ष 24 सितंबर को मनाया जाता है, लेकिन महाविद्यालय में छात्र संघ निर्वाचन की आचार संहिता लागू होने के कारण निर्धारित तिथि पर कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सका था। इसी क्रम में महाविद्यालय में एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मुकेश कुमार ने किया। एनएसएस इकाई के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने अतिथियों, प्राध्यापकों, नवनिर्वाचित छात्र संघ पदाधिकारियों और स्वयंसेवियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर प्राध्यापिका मंजू कोगियाल ने स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र सेवा की भावना प्रत्येक विद्यार्थी में होनी चाहिए। उन्होंने स्वयंसेवियों से समर्पित भाव से महाविद्यालय आने तथा अन्य विद्यार्थियों को भी उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय प्रतिनिधि आदेश खन्ना, छात्र संघ अध्यक्ष कुमारी हिमानी, कोषाध्यक्ष कुमारी रुबिना और सचिव राशि चौहान ने भी अपने विचार रखे। पत्रकार एवं एमए इतिहास के छात्र शिवांश कुंवर ने छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। इसके अलावा महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. धनंजय शर्मा और डॉ. ब्रीश कुमार ने भी स्वयंसेवियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने राष्ट्रीय सेवा योजना के इतिहास, उद्देश्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 24 सितंबर 1969 को राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना की गई थी। इसका प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्र सेवा की भावना विकसित करना है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय की एनएसएस इकाई द्वारा समय-समय पर स्वच्छता अभियान, मतदाता जागरूकता, प्लास्टिक उन्मूलन, नशा मुक्ति, साक्षरता तथा रक्तदान जैसे विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
उन्होंने एनएसएस के आदर्श वाक्य “मैं नहीं, परंतु आप” तथा एनएसएस बैज के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। स्वयंसेवियों को प्रमाण-पत्रों से संबंधित जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि निर्धारित गतिविधियों एवं शिविरों में सहभागिता के आधार पर विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाते हैं तथा बी और सी प्रमाण-पत्र के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर परीक्षा आयोजित की जाती है।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मुकेश कुमार ने स्वयंसेवियों को आशीर्वचन देते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डॉ. अमित कुमार गुप्ता, प्राध्यापिका सुनीता गुंसाई, प्रयोगशाला सहायक भुवन चंद्र डिमरी, योगाचार्य राजमोहन सिंह रावत, अनुसेवक अनिल नेगी, विकेश तोमर सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवी उपस्थित रहे।
