भागीरथी पर्वत-2 के पर्वतारोहियों समेत 260 लोग सुरक्षित निकाले गए, उत्तरकाशी जिला प्रशासन का रेस्क्यू अभियान सफल
उत्तरकाशी
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 26 और 27 सितंबर को जारी ऑरेंज अलर्ट और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हुई भारी बर्फबारी के बाद जिला प्रशासन उत्तरकाशी द्वारा चलाए गए संयुक्त रेस्क्यू अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जिलाधिकारी प्रशांत कुमार आर्य के निर्देशों के तहत संचालित इस अभियान में भागीरथी पर्वत-2 के 09 सदस्यीय अंतिम पर्वतारोहण दल सहित कुल 260 ट्रेकर्स, पर्वतारोहियों और पोर्टर्स को सुरक्षित गंगोत्री व हर्षिल पहुंचाया गया है।
मौसम विभाग के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने उच्च हिमालयी इलाकों में संचालित सभी ट्रेकिंग एवं एक्सपीडिशन टीमों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर रुकने के निर्देश दिए थे। इसके बाद, प्रतिकूल मौसम और बर्फबारी के कारण विभिन्न कैंपों में फंसे लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर व पैदल टीमों की मदद से बहुस्तरीय रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
संयुक्त टीमों का गठन – 28 सितंबर को एनडीआरएफ, एमआरटी, आईटीबीपी (35वीं वाहिनी) और वन विभाग की संयुक्त टीम को गंगोत्री से भोजबासा की ओर रवाना किया गया। टीमों ने सैटेलाइट फोन के माध्यम से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को पल-पल की जानकारी दी।
हेली रेस्क्यू – 28 और 29 सितंबर को वायुसेना व अन्य हेलीकॉप्टरों की मदद से विभिन्न कैंपों में फंसे 67 ट्रेकर्स व पोर्टर्स को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित हर्षिल हेलीपैड पहुंचाया गया।
*पैदल मार्ग से सुरक्षित वापसी*
संयुक्त रेस्क्यू टीमों ने 28 सितंबर को 121 तथा 30 सितंबर व 1 अक्टूबर को 72 ट्रेकर्स/पोर्टर्स को पैदल ट्रैक कर सुरक्षित गंगोत्री पहुंचाया।
अंतिम दल का रेस्क्यू – 1 अक्टूबर को भागीरथी पर्वत-2 के 09 सदस्यीय अंतिम पर्वतारोहण दल को भोजबासा और गोमुख क्षेत्र से सुरक्षित मार्गदर्शन देते हुए गंगोत्री लाया गया। इसके साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों से सभी फंसे हुए लोगों को निकालने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।विभिन्न प्रशासनिक विभागों और रेस्क्यू टीमों के बीच बेहतर तालमेल के कारण इस चुनौतीपूर्ण अभियान को बिना किसी जनहानि के प्रभावी ढंग से पूरा किया गया।
