अंकिता भंडारी हत्याकांड में उत्तरकाशी कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप रावत ने भाजपा को घेरा
उत्तरकाशी
अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला एक बार फिर पूरे देश और उत्तराखंड में गरमा गया है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर भारत की राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन और हल्ला बोल शुरू हो गया है। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी द्वारा मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की बातें कही जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रकरण में एक प्रभावशाली व्यक्ति का नाम सामने आने के बाद उन्हें राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर नियुक्त किए जाने की चर्चाओं से अंकिता के माता-पिता में भारी रोष और चिंता देखने को मिल रही है। विपक्ष भी इस मुद्दे पर पूरी तरह हमलावर रुख अपनाए हुए है।
*प्रभावशाली व्यक्ति पर आरोप के बावजूद निष्पक्ष कार्रवाई नहीं: प्रदीप रावत.*
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कांग्रेस कमेटी उत्तरकाशी के अध्यक्ष प्रदीप सिंह रावत ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की गुहार लगा रहे पीड़ित परिवार के साथ जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, वह अत्यंत दुखद और निंदनीय है।
प्रदीप रावत ने बयान जारी कर कहा अंकिता भंडारी के माता-पिता तथा पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौड़ की पत्नी द्वारा इस मामले में एक प्रभावशाली व्यक्ति का नाम सार्वजनिक रूप से सामने लाया गया था। इसके बावजूद न्याय प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल बने हुए हैं। ऐसे में संबंधित व्यक्ति को राज्यपाल जैसे अति-महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर नियुक्त किए जाने की खबरों ने पीड़ित परिवार की न्याय की उम्मीदों को गहरा झटका दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति पर इतने गंभीर आरोप लगे हैं, तो बिना किसी राजनीतिक संरक्षण के निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि न्याय प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर कोई प्रश्नचिह्न न खड़े हों।
*दिल्ली में माता-पिता की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत.*
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने अंकिता के माता-पिता के साथ दिल्ली में हुए घटनाक्रम की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने बताया कि अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग को लेकर दिल्ली में धरने पर बैठे थे। समाचारों के अनुसार, उनके साथ कथित रूप से अभद्रता की गई और तड़के सुबह 4:00 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने कहा कि न्याय मांग रहे एक पीड़ित और असहाय परिवार के साथ इस तरह का पुलिसिया व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के पूरी तरह विपरीत है। सरकार का नैतिक और संवैधानिक दायित्व पीड़ित परिवार की बात सुनना और न्याय सुनिश्चित करना है, न कि उनकी आवाज को दबाना।
*अंकिता को न्याय दिलाना पूरे उत्तराखंड की जनभावना का सवाल*
प्रदीप रावत ने जोर देकर कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना केवल उनके परिवार की निजी लड़ाई नहीं है, बल्कि यह पूरे उत्तराखंड की जनता की अस्मिता और जनभावनाओं से जुड़ा हुआ विषय है।
कांग्रेस पार्टी की प्रमुख मांगें रखी जिसमे अंकिता भंडारी हत्याकांड की पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए।
मामले में सामने आए सभी गंभीर आरोपों की बिना किसी पक्षपात के गहन जांच हो।
दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी
बयान के अंत में जिला कांग्रेस कमेटी उत्तरकाशी के अध्यक्ष ने संकल्प दोहराया कि पार्टी अंकिता भंडारी के माता-पिता और परिवार के साथ चट्टान की तरह मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि जब तक अंकिता भंडारी को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता और दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा नहीं मिलती, तब तक कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।


