पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था: विधायक सुरेश चौहान
उत्तरकाशी
उत्तराखंड सरकार के उपक्रम उत्तराखंड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम द्वारा संचालित शिल्पी ग्राम योजना के तहत ब्लॉक के वीरपुर गांव में स्थानीय शिल्पकारों के लिए तीन माह के ऊनी वस्त्र प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
डेवलपमेंट इन रूरल एंपावरमेंट एवं मोटिवेशन सोसायटी के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में शिल्पकारों को पारंपरिक एवं पौराणिक शैली के विभिन्न प्रकार के आकर्षक ऊनी वस्त्रों के निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने शिल्पकारों को संबोधित करते हुए कहा कि ऊनी वस्त्रों का निर्माण हमारी पुश्तैनी कला और पारंपरिक विरासत का एक अहम हिस्सा है। इस प्राचीन कला को संरक्षित करने के साथ-साथ आधुनिक समय की बाजार मांग और आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना बेहद जरूरी है, ताकि स्थानीय शिल्पकार अपने उत्पादों को देश-विदेश तक पहचान दिला सकें और स्वरोजगार के नए मुकाम हासिल कर सकें।
*ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती.*
विधायक सुरेश चौहान ने जोर देकर कहा कि पारंपरिक उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार ठोस प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने पिछले वर्ष का जिक्र करते हुए बताया कि अस्सी गंगा घाटी के अगोड़ा और गजोली गांवों में रिंगाल (बांस की प्रजाति) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया था। इसके अलावा, भराण गांव में भी शिल्पी प्रशिक्षण के माध्यम से स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया था। उन्होंने विश्वास जताया कि पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत सदस्य बरसाली हीरालाल शाह, भाजपा मंडल अध्यक्ष डुंडा रजनेश चौहान, जिला मंत्री देशराज बिष्ट, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष विक्रम पंवार, वीरपुर की ग्राम प्रधान जमुना नेगी, भजन राणा, दिलसिंह राणा, शशिकांत नेगी, सुनीता नेगी , कविता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय शिल्पकार उपस्थित रहे।


