स्थानीय स्कूलों की यूनिफॉर्म सप्लाई से सालाना 10 लाख तक पहुंचा कारोबार, युवाओं के लिए बने प्रेरणास्त्रोत
उत्तरकाशी
राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और पहाड़ से पलायन रोकने में मील का पत्थर साबित हो रही है। इस योजना का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है उत्तरकाशी जनपद के सिंगुनी गांव निवासी पंकज सिंह चौहान ने, जिन्होंने सरकारी मदद से स्वरोजगार की दिशा में सफलता की नई इबारत लिखी है।
*टूर एंड ट्रैवल्स से गारमेंट्स कारोबार तक का सफर.*
पंकज सिंह चौहान पहले से टूर एंड ट्रैवल्स के व्यवसाय से जुड़े हुए थे। अपने व्यापार को और विस्तार देने के उद्देश्य से उन्होंने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 10 लाख रुपये का ऋण लिया, जिसके तहत उन्हें 25 प्रतिशत की आकर्षक सब्सिडी का लाभ भी प्राप्त हुआ।
*’सारिका’ प्रतिष्ठान से मिला विस्तार*
इस आर्थिक सहायता की बदौलत उन्होंने देवीदार क्षेत्र में ‘सारिका’ नाम से कपड़ों का एक नया प्रतिष्ठान शुरू किया। आज उनकी इस दुकान पर मौसम के अनुकूल वास्कट, जैकेट, पायजामा और अन्य गर्म व ठंडे कपड़े उपलब्ध हैं। इसके अलावा, पंकज ने जनपद के विभिन्न विद्यालयों से संपर्क साधकर विद्यार्थियों को सस्ती दरों पर स्कूल यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की सराहनीय पहल भी शुरू की है।
*दूसरों को भी दे रहे हैं रोजगार*
सर्दियों के मौसम में स्थानीय स्तर पर गर्म कपड़ों की लगातार बनी रहने वाली मांग के चलते उनके व्यवसाय को निरंतर मुनाफा मिल रहा है। वर्तमान में उनका यह कारोबार सालाना लगभग 10 लाख रुपये के टर्नओवर तक पहुंच चुका है। इस व्यापार से न केवल पंकज खुद आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं, बल्कि क्षेत्र के 6 से 7 अन्य युवाओं को भी रोजगार मिला है।
*युवाओं के लिए प्रेरणा बने पंकज*
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वरोजगारपरक नीतियां आज पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। पंकज सिंह चौहान की यह सफलता उन तमाम युवाओं के लिए एक मिसाल है जो नौकरी की तलाश करने के बजाय खुद उद्यमी बनकर दूसरों को रोजगार देने का जज्बा रखते हैं।


