सीएम धामी ने राज्य आंदोलनकारी रणजीत सिंह वर्मा के जीवन पर आधारित पुस्तक का किया विमोचन
देहरादून-
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के अग्रणी सेनानी एवं जननायक स्वर्गीय रणजीत सिंह वर्मा के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘रणजीत सिंह वर्मा : उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन की निर्णायक लड़ाई के एक जननायक’ का विमोचन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्व. वर्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्य निर्माण आंदोलन में उनके योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री ने पुस्तक के लेखन में योगदान देने वाले वरिष्ठ साहित्यकार गंभीर सिंह पालनी और अजय वर्मा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक केवल एक जननायक की जीवनी नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के संघर्ष, त्याग और बलिदान का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इससे आने वाली पीढ़ियों को राज्य निर्माण के इतिहास और आंदोलनकारियों के संघर्ष की जानकारी मिलेगी।
सीएम धामी ने कहा कि स्व. रणजीत सिंह वर्मा ने उत्तराखण्ड संयुक्त संघर्ष समिति के देहरादून जिला अध्यक्ष के रूप में आंदोलन को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विभिन्न संगठनों और आंदोलनकारियों को एक मंच पर लाकर बंद, चक्का जाम, जेल भरो और रेल रोको जैसे आंदोलनों का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि खटीमा, मसूरी और मुजफ्फरनगर की घटनाएं राज्य आंदोलन के इतिहास के बेहद पीड़ादायक अध्याय हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्व. रणजीत सिंह वर्मा अविभाजित उत्तर प्रदेश की मसूरी विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहे, लेकिन राज्य निर्माण के संकल्प को हमेशा प्राथमिकता दी। राज्य गठन के बाद उन्होंने चुनावी राजनीति से दूरी बनाकर सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 नवंबर 2000 को उत्तराखण्ड राज्य का गठन लाखों लोगों की आकांक्षाओं और आंदोलनकारियों के त्याग एवं बलिदान का परिणाम था। राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, हंस फाउंडेशन की संस्थापक माता मंगला, वरिष्ठ साहित्यकार गंभीर सिंह पालनी, अजय वर्मा सहित राज्य आंदोलनकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।


